सारंगढ़-बिलाईगढ़ : पीएम श्री सेजेस (स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय) सारंगढ़ के प्राचार्य लक्ष्मी प्रसाद (एलपी) पटेल के खिलाफ लगाए गए वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन करते हुए एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 2 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, हाल ही में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर और मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम बनाई गई है।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
जारी आदेश के मुताबिक जांच समिति में शामिल अधिकारी हैं—
- बी. वी. सिन्हा – प्राचार्य, शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सारंगढ़ (जांच दल प्रभारी)
- श्रीमती शिवानी सिंह ठाकुर – प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हरदी
- बीरबल डांव – प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तेंदूनवाडी
समिति को निर्देश दिया गया है कि पूरे मामले की जांच कर सात दिवस के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपे।
NSUI ने की थी शिकायत
दरअसल, कुछ दिन पहले एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पीएम श्री सेजेस के प्राचार्य एलपी पटेल पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता और विभागीय नियमों के उल्लंघन की उच्च स्तरीय जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी।
क्या हैं आरोप?
शिकायत के अनुसार, विद्यालय के संविदा सहायक शिक्षक (विज्ञान) तरुण डहरिया 1 फरवरी 2026 से 29 अप्रैल 2026 तक बिना किसी स्वीकृत अवकाश और बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहे थे। उस दौरान तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य अभय बैरागी ने उनका वेतन आहरित नहीं किया था। आरोप है कि 30 अप्रैल 2026 को मूल प्राचार्य एलपी पटेल के वापस कार्यभार संभालने के बाद उपस्थिति पंजी में पहले से रेड पेन से लगाए गए प्रश्नवाचक चिन्ह के बावजूद शिक्षक से पिछली तारीखों में हस्ताक्षर करवाए गए और बिना वैध अवकाश स्वीकृति के दो माह का वेतन जारी करा दिया गया।
’50-50 फार्मूला’ का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर “50-50 फार्मूला” के तहत आधा वेतन खुद रखने की मंशा से बिना कार्य किए संविदा शिक्षक का वेतन भुगतान कराया गया, जो स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इन्हीं तथ्यों की जांच के लिए समिति गठित की गई है।
सेवानिवृत्ति से पहले अनियमितताओं का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राचार्य एलपी पटेल 31 मार्च 2027 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृत्ति से पहले अवैध वसूली और कमीशनखोरी के जरिए शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।साथ ही यह भी दावा किया गया है कि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यकाल के दौरान भी उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई का मामला सामने आया था।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित समिति पूरे मामले की जांच करेगी। जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।










































