गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड में जनगणना कार्य के दौरान शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और जनगणना अधिकारी के साथ अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। तहसीलदार के प्रतिवेदन के आधार पर थाना पेंड्रा में दो आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पतगवां निवासी मिथलेश कुमार चौधरी जनगणना अधिकारी के रूप में पेंड्रा विकासखंड के जाटादेवरी और वासिमपाट गांवों में जनगणना कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान जाटादेवरी निवासी रूपेश काशीपुरी और सुदर्शन काशीपुरी वहां पहुंचे और कथित रूप से जनगणना कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने लगे। शिकायत के मुताबिक दोनों आरोपियों ने जनगणना अधिकारी के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, अधिकारी को जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोप है कि आरोपियों ने वाहन चढ़ा देने तक की धमकी दी, जिससे अधिकारी भयभीत हो गए। घटना के बाद पीड़ित अधिकारी ने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार पेंड्रा अविनाश कुजूर ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर थाना पेंड्रा को भेजा। तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 0140/26 दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी रूपेश काशीपुरी और सुदर्शन काशीपुरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121(1), 132, 296, 3(5) और 351(3) के तहत मामला कायम किया है। इन धाराओं में शासकीय कार्य में बाधा डालना, धमकी देना, अभद्र व्यवहार और सामूहिक रूप से अपराध करना जैसे आरोप शामिल हैं।
पीड़ित जनगणना अधिकारी मिथलेश कुमार चौधरी के अनुसार यह घटना केवल एक दिन तक सीमित नहीं रही। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन भी दोनों आरोपी लगातार जनगणना कार्य में बाधा पहुंचाते रहे और अभद्रता करते रहे। लगातार दो दिनों तक उत्पीड़न और व्यवधान के बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला माना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने कहा है कि शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जनगणना कार्य पूरी तरह संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं और नीतियां तय होती हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल में कार्य करने देना जरूरी है।





















