GPM : पेंड्रा थाना क्षेत्र में कुछ महीने पहले एक नाबालिग बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। आरोपी पंकज पठारी ने बहला-फुसलाकर नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसके साथ अमानवीय कृत्य किया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तुरंत दर्ज हुआ केस
शिकायत मिलते ही पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस की तत्परता और सबूतों के आधार पर मामला कोर्ट तक पहुंचा।
तेजी से चला ट्रायल
आमतौर पर ऐसे मामलों में फैसला आने में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन इस मामले में न्यायालय ने प्राथमिकता देते हुए केवल 8 महीने के भीतर ही ट्रायल पूरा कर दिया। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
अदालत का फैसला
अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) पेंड्रारोड़ ज्योति अग्रवाल ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी पंकज पठारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे समाज के लिए गंभीर अपराध मानते हुए कड़ा संदेश दिया कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।





















