महासमुंद : इस वक्त एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जिला कांग्रेस भवन में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे पूरे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यह विवाद निर्मल जैन और पार्षद विजय साव के बीच हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए मारपीट की, जिससे वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ता भी सकते में आ गए। घटना के समय जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव और पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर भी मौके पर मौजूद थे।
हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक मामला काफी बिगड़ चुका था। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को भी खुलकर सामने ला दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद किसी छोटे मुद्दे को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच पहले से चल रहे मतभेद के कारण मामला तूल पकड़ गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और खुद को निर्दोष बताया है।
मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राजनीतिक दलों के भीतर अनुशासन और समन्वय कितना मजबूत है। खासकर कांग्रेस जैसे बड़े दल में इस तरह की घटनाएं संगठनात्मक कमजोरी को उजागर करती हैं।






















