रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू हो चुकी है। आज सदन की कार्यवाही का पांचवा दिन है। सदन की कार्यवाही आज 11 बजे शुरू हो गई है। सदन में प्रश्नकाल के दौरान खाद्य मंत्री दयालदास बघेल अपने ही विधायक के सवालों से घिरते दिखे। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रदेश के राशन दुकानों में गड़बड़ियों का मुदा उठाया।
उनके मुताबिक राशन दुकानों में दवाब पूर्वक मसाला बेचा जा रहा। उन्होंने जनवरी से मार्च 2026 में बेलतरा विधानसभा में राशन दुकानों में बचत स्टॉक में भौतिक सतयापन की जानकारी मांगी, उन्होंने कहा कि अगर सत्यापन किया गया है तो ये बात सदन से क्यों छिपाई गई। जिस पर मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि हमने जाँच कराई है और पूरे 87 राशन दुकानों का भौतिक सत्यापन किया गया है। अधिकारियों को एक-एक दुकानों के लिए 25 दिनों का समय दिया गया था।
महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में हंगामा
जिसके बाद सदन में महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस मामले को सदन में उठाया। प्रदेश में महतारी वंदन योजना के प्रारंभ में कितनी पात्र महिलाओं का पंजीयन कर योजना का लाभ दिया गया है और जून, 2026 तक कितनी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है?
जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में महतारी वंदन योजना के प्रांरभ में कुल 70,27,154 प्राप्त आवेदन में से अद्यतन स्थिति तक पात्र 70,09,658 महिलाओं का पंजीयन कर लाभ दिये जाने हेतु प्रथम किस्त का भुगतान प्रेषित किया गया है। जून 2026 की स्थिति में 68,54,003 पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक 68,54,003 पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। यानी योजना की शुरुआत की तुलना में 1,55,655 महिलाओं की संख्या कम हुई है।
यह अंतर विभिन्न कारणों से उत्पन्न हुआ है, जिनमें लाभार्थियों का अपात्र होना, मृत्यु सहित अन्य निर्धारित कारण शामिल हैं। नए हितग्राहियों के नाम जोड़ने को लेकर विपक्ष ने पोर्टल शुरू करने का सवाल उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि पोर्टल कब खुलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के दो महीने के भीतर ही महतारी वंदन योजना शुरू कर दी थी। मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की घोषणा कांग्रेस ने भी अपने समय में की थी, लेकिन उसे लागू नहीं कर सकी।











































