गोरखपुर : समाज में रिश्तों की खास मिठास और अहमियत है। इन्हीं रिश्तों में से होता है चाची और भतीजे का। वैसे तो चाची और भतीजे का रिश्ता मां-बेटे जैसा माना जाता है। अक्सर देखा जाता है कि भतीजे अपनी चाची से खुलकर बातें करते हैं, शरारतें करते हैं और कई बार अपनी छोटी-बड़ी बातें भी उन्हीं से साझा करते हैं। लेकिन कई बार ये रिश्ता बेहद ही शर्मसार भी हो जाता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही 15 वर्षीय भतीजे को लेकर फरार हो गई। लेकिन अब पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
आइए जानते हैं फिर क्या हुआ?
मिली जानकरी के अनुसार, मामला पीपीगंज क्षेत्र का है। दरअसल, 26 जनवरी की दोपहर से चाची और भतीजा घर से लापता हो गए। बताया जा रहा है कि भतीजा 9वीं क्लास का छात्र है। जिसके बाद परिवार वालों ने दोनों की काफी खोजबीन किए, लेकिन इसके बाद भी दोनों को कोई सुराग नहीं मिला। फिर परिजनों ने रिश्तेदारों से पूछा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। आखिर परिवार वालों को इसकी शिकायत पुलिस को देनी पड़ी। जिसके सप्ताह भर बाद पुलिस ने दोनों को बरामद कर बड़ा खुलास किया।
शादी करने की फिराक में थी चाची
बताया जा रहा है कि लोकलाज की डर से परिवार वालों ने इस बात को छुपाए रखा। लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस का सहारा लिया। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि चाची अपने भतीजे से शादी करना चाहती थी। आरोप है कि चाची ने नाबालिग को अपने जाल में फंसाया, प्रेम प्रसंग का दावा किया और फिर घर से भागकर शादी रचाने की प्लानिंग की थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
सीसीटीवी से खुला राज
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। पुलिस की काफी मशक्कत के बाद सोमवार को दूसरे थाने की पुलिस ने दोनों को एक साथ पकड़ लिया और पीपीगंज पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ किया। जिसमें महिला ने खुलासा किया कि वो अपने भतीजे से शादी की योजना बना रही थी। पकड़े जाने के बाद भी चाची जिद पर अड़ी रही कि वह अपने भतीजे के साथ ही रहना चाहती है।
बिना कार्रवाई के घर लौटे परिजन
थाने में घंटों चली हाई-वोल्टेज ड्रामे और परिजनों के समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार भतीजा मान गया। चाची के मायके वालों ने भी उसे काफी समझाया। थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के परिजनों ने कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद सभी अपने-अपने घर लौट गए।






















