Bilashpur

CG News : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला मृत कर्मचारी के परिवार से 12 लाख की वसूली गैरकानूनी, आदेश निरस्त

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सेवा काल में दिवंगत कर्मचारी के वेतन निर्धारण में हुई कथित त्रुटियों के आधार पर उसके परिजनों से राशि की वसूली करना गैरकानूनी और मनमाना कदम है। अदालत ने राजस्व विभाग के दिवंगत कर्मचारी के परिवार को राहत देते हुए 12.19 लाख रुपये से अधिक की वसूली का आदेश रद्द कर दिया है।

दिवंगत कर्मचारी की पत्नी को मिली राहत

न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने राजस्व विभाग के दिवंगत तृतीय श्रेणी कर्मचारी सुरेश मिश्रा की पत्नी अंजू मिश्रा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया।याचिका के अनुसार सुरेश मिश्रा का 27 जून 2025 को सेवा के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन के करीब नौ माह बाद 10 मार्च 2026 को तखतपुर तहसीलदार ने 19 वर्षों तक कथित रूप से गलत वेतन निर्धारण का हवाला देते हुए 12 लाख 19 हजार 278 रुपये की वसूली का आदेश जारी कर दिया था।

जीवनकाल में नहीं दी गई कोई सूचना

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि कर्मचारी के पूरे सेवाकाल में विभाग की ओर से कभी यह नहीं बताया गया कि उन्हें अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है या वेतन निर्धारण में कोई त्रुटि हुई है।अदालत ने कहा कि यदि विभाग को वेतन निर्धारण में किसी प्रकार की गलती का संदेह था, तो उसके जीवनकाल में ही आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए थी। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार पर वसूली का बोझ डालना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णयों में भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि विभागीय त्रुटि के कारण हुए अतिरिक्त भुगतान की वसूली विशेष परिस्थितियों में नहीं की जा सकती, खासकर तब जब कर्मचारी की ओर से किसी प्रकार की धोखाधड़ी या तथ्य छिपाने का मामला न हो।

प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन

अदालत ने माना कि वसूली का आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। बिना उचित अवसर दिए और कर्मचारी के निधन के बाद परिवार के खिलाफ इतनी बड़ी वसूली की कार्रवाई करना विधिसम्मत नहीं है।इसी आधार पर हाईकोर्ट ने तखतपुर तहसीलदार द्वारा जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया।

40 दिनों में भुगतान के निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि दिवंगत कर्मचारी के परिवार की रोकी गई सभी वैधानिक देय राशि 40 दिनों के भीतर उनकी पत्नी अंजू मिश्रा को भुगतान की जाए।इस फैसले को सरकारी कर्मचारियों और उनके परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिससे विभागीय त्रुटियों का भार मृत कर्मचारियों के परिवारों पर डालने की प्रवृत्ति पर रोक लग सकेगी।

What's your reaction?

Related Posts

CG Viral Video : नशे में धुत युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा, चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों से की बदतमीजी, हुई कड़ी चालानी कार्रवाई

बिलासपुर : न्यायधानी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव गांधी चौक…

CG Railway : छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को बड़ा झटका, रेलवे ने इन ट्रेनों को किया अचानक किया रद्द, जानिए क्या है वजह?

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दक्षिण…

Cg Crime : पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत, साथी भी हमले का शिकार, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर : जिले के कोटा क्षेत्र के ग्राम करगी खुर्द में पुरानी रंजिश को लेकर…

1 of 35