रायपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मिल रही ठंड से राहत अब खत्म होने वाली है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मकर संक्रांति बीतते ही राज्य में कड़ाके की ठंड की दूसरी लहर वापसी करेगी। 15 जनवरी के बाद नमी का असर कम होगा और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा देंगी।
अंबिकापुर 5.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडा, रायपुर में अभी ‘राहत’
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड बरकरार है। अंबिकापुर में न्यूनतम पारा 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम है। इसके उलट, राजधानी रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ में पारा सामान्य के करीब है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात रायपुर का न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री और अधिकतम 28.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसकी वजह से निचले स्तर पर नमी युक्त हवाएं छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रही हैं। इसी नमी के कारण पारा पिछले कुछ दिनों से धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 72 घंटों तक मैदानी इलाकों में तापमान 1 से 2 डिग्री और बढ़ सकता है, जिससे फिलहाल बहुत ज्यादा ठंड का अहसास नहीं होगा।
तापमान और मौसम के आंकड़े
- सबसे कम तापमान: अंबिकापुर (5.3°C)
- रायपुर न्यूनतम तापमान: 13.5°C
- आगामी गिरावट: 3 डिग्री सेल्सियस तक (15 जनवरी के बाद)
- प्रभावित क्षेत्र: सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के मैदानी इलाके।
मौसम विशेषज्ञों का क्या कहना है?
“अभी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में नमी आ रही है, जिससे पारा थोड़ा ऊपर खिसक गया है। लेकिन 15 जनवरी के बाद जैसे ही विक्षोभ का असर खत्म होगा, ठंडी हवाओं का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद कई इलाकों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं।”
— क्षेत्रीय मौसम केंद्र, रायपुर
आगे क्या: क्या यह फसलों और सेहत के लिए चिंता का विषय है?
तापमान में अचानक होने वाली यह गिरावट रबी की फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, लेकिन शीतलहर के बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की संभावना है। 15 जनवरी के बाद उत्तर छत्तीसगढ़ से आने वाली ठंडी हवाएं सीधे रायपुर और दुर्ग संभाग के तापमान को प्रभावित करेंगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मकर संक्रांति के बाद रात और सुबह के समय विशेष सावधानी बरतें।






















