रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रावाभाठा इलाके से गुरुवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। वार्ड नंबर-13 स्थित एक मकान में देसी बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्री, तार, बैटरी और अन्य उपकरण मिलने की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर नॉर्थ थाना पुलिस, बम स्क्वॉड, साइबर टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे।
एसीपी पूर्णिमा लांबा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रावाभाठा इलाके के एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित मकान में रेड डाली। तलाशी के दौरान पुलिस को घर से तार, पाउडरनुमा सामग्री, बैटरी और देसी बम तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य संदिग्ध सामान मिले। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक जब्त किए गए सामान की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके को घेर लिया गया और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बम स्क्वॉड की टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध सामग्री की प्राथमिक जांच की। वहीं फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि जब्त सामग्री की वैज्ञानिक जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि सामग्री वास्तव में विस्फोटक थी या नहीं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों और आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस मकान से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है, वहां मौजूद लोगों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।
यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सामग्री कहां से लाई गई, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साइबर टीम मोबाइल और डिजिटल डाटा की भी जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।











































