बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में एक तरफ सरकार का सुशासन तिहार चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसी सुशासन तिहार में प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी लगातार खुलकर सामने आ रही है। बलरामपुर जिले के सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा के बाद अब प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंग पोर्ते ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सुशासन तिहार के मंच से तीखी नाराजगी जताई है। बेलगाम अफसरशाही पर भड़ते हुए उन्होने यहां तक कह दिया कि…जनता का श्राप बड़े-बड़ों का गुरूर तोड़ देता है!
बीजेपी विधायक का ये बयान अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक वाड्रफनगर जनपद क्षेत्र के ग्राम गुडरू में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में बीजेपी विधायक शकुुंतला सिंग पोर्ते राजस्व मामलों के निराकरण में हो रही देरी और लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर जमकर बरसीं। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने विधायक के सामने शिकायतों का अंबार लगा दिया। लोगों ने बताया कि छोटे-छोटे कामों के लिए उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक पोर्ते ने मंच से अधिकारियों को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी या कोई भी अधिकारी यह न सोचे कि परीक्षा पास कर लेने के बाद वह जनता से ऊपर हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी पद सेवा के लिए होता है, न कि अहंकार दिखाने के लिए। विधायक ने कहा कि जब कोई ग्रामीण सुबह घर से निकलकर बस में बैठकर कार्यालय पहुंचता है और दिनभर इंतजार के बाद भी उसका काम नहीं होता, तो वह निराश होकर लौटता है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में जाकर काम करने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की हिदायत दी। शिविर के दौरान विधायक ने विशेष रूप से जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और पट्टा जैसे राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन समय पर समाधान नहीं मिल रहा है, जो प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है। बलरामपुर जिले में यह दूसरा मौका है जब किसी भाजपा विधायक ने सार्वजनिक मंच से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने राजपुर में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम और तहसीलदार की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम को हटाने की मांग तक कर दी थी। उस दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।अब विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लगातार दो विधायकों की सार्वजनिक नाराजगी के बाद बलरामपुर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समाधान शिविरों में भी समस्याओं का निराकरण नहीं होगाए तो आम जनता आखिर अपनी शिकायत लेकर कहां जाए।





















