अंबिकापुर : करीब तीन से चार वर्षों से बालिका गृह में रह रहीं दो मासूम बहनों रिद्धि और सिद्धि की जिंदगी अब बदलने जा रही है। दोनों बच्चियों को इटली के एक दंपती ने विधिवत गोद लिया है। अब बालिका गृह की चारदीवारी से निकलकर दोनों बहनें अपने नए माता-पिता के साथ इटली में नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी।बताया गया है कि माता-पिता के नशे की लत के कारण रिद्धि और सिद्धि को बालिका गृह में रहना पड़ा था। लंबे समय से दोनों बहनें यहां एक-दूसरे का सहारा बनकर रह रही थीं।
CARA की वेबसाइट से शुरू हुई गोद लेने की प्रक्रिया
दोनों बच्चियों को गोद लेने की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की वेबसाइट के माध्यम से शुरू हुई। इटली निवासी दंपती फेडरिको और एलीना ने रिद्धि और सिद्धि को गोद लेने में रुचि दिखाई। इसके बाद दोनों दंपती अंबिकापुर पहुंचे और बच्चियों से मुलाकात की। नई जिंदगी के इस फैसले में बच्चियों की सहमति को भी प्राथमिकता दी गई। मुलाकात और बातचीत के बाद रिद्धि और सिद्धि ने दंपती के साथ जाने की सहमति जताई।
पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद सौंपा गया दंपती को
सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद प्रशासन ने दोनों बहनों को इटली के दंपती को सौंप दिया। विदेश जाने से पहले दोनों बच्चियों को करीब तीन महीने तक अंग्रेजी भाषा की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई, ताकि नए देश और नए परिवार के बीच संवाद स्थापित करने में उन्हें परेशानी न हो।
बालिका गृह से इटली तक नई जिंदगी का सफर
एक-दूसरे का साथ कभी न छोड़ने वाली दोनों बहनों को एक ही परिवार द्वारा गोद लिया जाना उनके लिए किसी नई शुरुआत से कम नहीं है। अब रिद्धि और सिद्धि इटली में अपने नए माता-पिता के साथ जीवन का नया अध्याय शुरू करेंगी। बालिका गृह की चारदीवारी में बीते वर्षों के बाद अब दोनों बहनों को न सिर्फ नया घर मिला है, बल्कि एक नया परिवार और नई जिंदगी भी मिली है। यह कहानी उन दोनों मासूम बहनों के लिए उम्मीद, अपनापन और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।











































