कांकेर : सोशल मीडिया पर रील और कंटेंट बनाने का शौक कुछ युवकों को अपराध की राह पर ले गया। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गकोंदल थाना क्षेत्र में यूट्यूबरों के एक समूह ने एक महिला के गले से हार झपट लिया। आरोपियों को लगा कि हार सोने का है,
और उसे बेचकर आर्थिक परेशानी दूर कर लेंगे, लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वह हार महज 500 रुपये का नकली आभूषण था। जानकारी के मुताबिक 3 जून को रायपुर निवासी सूर्य गुप्ता, माही बंजारे, आशीष भट्टाचार्य और कैमरामैन पवन किराये की कार से पंखाजूर की ओर रील शूटिंग के लिए निकले थे। रास्ते में आर्थिक तंगी और खर्चों को लेकर चर्चा के दौरान उन्होंने आगे का कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया। इसी बीच दुर्गकोंदल क्षेत्र के विक्रमगंज गांव के पास खेत से लौट रही महिला कुमारी बाई साहू पर उनकी नजर पड़ी।
महिला के गले में चमकदार हार देखकर आरोपियों ने उसे सोने का हार समझ लिया और झपटमारी की योजना बना ली। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक युवक कार से उतरा और महिला से सामान्य बातचीत करने लगा। इसी दौरान उसने मौका देखकर महिला के गले से हार झपट लिया और कार में बैठकर साथियों के साथ फरार हो गया। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर दुर्गकोंदल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध कार की पहचान की।
जांच के दौरान रायपुर निवासी आरोपी आशीष भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली गई है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिस हार को आरोपी सोने का समझकर लूटकर ले गए थे, वह असली नहीं बल्कि करीब 500 रुपये कीमत का नकली आभूषण था। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया की दुनिया में लोकप्रियता और आर्थिक दबाव के बीच कुछ लोग किस तरह अपराध का रास्ता चुन रहे हैं।























