रायपुर : संकटकाल में समस्याओं से उबरने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के ‘बचत’ की अपील पर छत्तीसगढ़ सरकार गंभीर नजर आ रही है। यही वजह है कि, प्रदेश सरकार अब पीएम के अपील पर बड़े फैसले लेने वाली है। जानकारी के मुताबिक़ पेट्रोल-डीजल के न्यूनतम इस्तेमाल के अपील पर अब छत्तीसगढ़ सरकार सरकारी वाहनों के ईंधन आबंटन में कटौती कर सकती है। खुद सीएम साय ने इसके संकेत दिए है। इस बारें में सीएम साय ने कहा हैं कि, वह जल्द ही पीएम के अपील पर ईंधन के कटौती पर निर्णय लेंगे।
पीएम ने दिए थे ऊर्जा संरक्षण और बचत के सुझाव
गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभावित वैश्विक संकट को देखते हुए देशवासियों से अपील की कि जहां संभव हो वहां निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। मेट्रो सेवा वाले शहरों में मेट्रो यात्रा को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई। इसके साथ ही उन्होंने कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात भी कही, जिससे ईंधन की खपत को कम किया जा सके। प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि EV का अधिक उपयोग भविष्य की दिशा तय करेगा।
वर्क फ्रॉम होम मॉडल को फिर से अपनाने का सुझाव भी दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम मॉडल को फिर से अपनाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित को देखते हुए ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक यात्रा से बचा जा सके और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टालना चाहिए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। इसके अलावा उन्होंने विदेशों में शादियों और छुट्टियों पर बढ़ते खर्च को लेकर भी चिंता जताई और मध्यम वर्ग से संयम बरतने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इसके साथ ही पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण और सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार एलपीजी कवरेज के बाद अब गैस पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत करने पर काम कर रही है, जिससे ऊर्जा की किफायती और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है और ‘सुधार और विकास’ के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मायावती ने भी जताई आशंका
पीएम मोदी के सुझाव पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री की मितव्ययिता की अपील दर्शाती है कि भारत में उत्पन्न संकट केवल पेट्रोलियम उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक आर्थिक संकट है, जो और गहरा होने जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अपील का उल्लेख किया, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देशवासियों से संयम बरतने और ऊर्जा संसाधनों के समझदारीपूर्ण उपयोग की बात कही गई थी।
मायावती ने कहा, “यह स्पष्ट करता है कि देश में संकट केवल पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसे ईंधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक संकट और गहराने वाला है।” उन्होंने कहा कि यह स्थिति पहले से ही करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है और आगे इसके जारी रहने की गंभीर आशंका है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पहले से ही करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है और आगे इसके जारी रहने की गंभीर आशंका है।
राहुल गाँधी ने साधा निशाना
पीएम के अपील पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।”




















