जगदलपुर : बास्तानार ब्लॉक की एक आदिवासी युवती के साथ इलाज के नाम पर दरिंदगी करने वाला झोला छाप डॉक्टर अब भी पीड़िता के लिए खतरा बना हुआ है। दिसंबर 2024 में पीड़िता ने आरोपी मोहन राव के खिलाफ अनाचार की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। लेकिन अब, जेल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे आरोपी के परिजन—पत्नी, पुत्र और पुत्री—पीड़िता और उसके परिवार को धमकाने में जुट गए हैं। आरोप है कि पीड़ित पक्ष को गाड़ी से कुचलने और नक्सलियों से हत्या करवाने तक की धमकी दी जा रही है।
बेल न देने की गुहार लेकर पीड़िता सर्व आदिवासी समाज के साथ कलेक्टर और एसपी से मिली। समाज ने स्पष्ट कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता और आरोपी की जमानत खारिज नहीं होती, तब तक वे न्यायालय के दरवाजे खटखटाते रहेंगे। पीड़िता का दर्द और बढ़ गया है, क्योंकि आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद उसे और उसके परिवार को लगातार डर और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि अदालत पीड़िता की सुरक्षा और न्याय की मांग पर क्या रुख अपनाती है।






















