रायपुर :- छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य शासन ने तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही डेस्क या कार्य पटल पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रभार बदलने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभाग प्रमुखों को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि लंबे समय तक एक ही कार्य पटल पर बने रहने से न केवल कार्यशैली सीमित हो जाती है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता भी प्रभावित होती है। ऐसे में समय-समय पर डेस्क असाइनमेंट बदलना बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। सरकार के इस फैसले के बाद मंत्रालय से लेकर जिला कार्यालयों तक बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक कई विभागों में अधिकारी और कर्मचारी छह से आठ वर्षों से एक ही शाखा या डेस्क पर कार्यरत हैं। इनमें सामान्य प्रशासन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), जल संसाधन, जीएसटी, स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। सरकारी सूत्रों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही जिम्मेदारी संभालने से कार्य प्रणाली में एकरूपता आने के साथ-साथ पारदर्शिता पर भी सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में डेस्क बदलने की व्यवस्था से न केवल कर्मचारियों को विभिन्न कार्यों का अनुभव मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होगी। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विभागीय स्तर पर इस आदेश को कितनी गंभीरता से लागू किया जाता है। यदि निर्देशों का सख्ती से पालन हुआ, तो आने वाले दिनों में मंत्रालय और विभिन्न शासकीय विभागों में बड़े पैमाने पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण देखने को मिल सकता है।



























