कोलकाता : प्रदेश की भाजपा सरकार ने आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने रक्षाबंधन से पहले आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है और इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बढ़ा हुआ मानदेय 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। यानि सितंबर महीने से बढ़ा हुआ मानदेय खाते में आने लगेंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का बढ़ा मानदेय
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 5000 रुपए की बढ़ोतरी की है। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी 5000 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। मानदेय बढ़ने के बाद अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 14,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। जबकि आंगनबाड़ी सहायिकाओं 11,800 रुपए प्रति माह भुगतान किया जाएगा।
राज्यपाल ने दी मंजूरी
वहीं, बात करें आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले मानदेय की तो 5000 रुपए बढ़ोतरी के बाद अब इन्हें 11,250 रुपए प्रति माह भुगतान किया जाएगा। मानदेय बढ़ने से आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है और इसे रथयात्रा की सौगात बता रहे हैं। सरकार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए राज्यपाल ने मंजूरी और स्वीकृति दे दी है।
सितंबर महीने से आएगा खाते में
सरकार के आदेश के अनुसार, यह खर्च चालू वित्त वर्ष के राज्य बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्धारित मद से किया जाएगा। यह आदेश पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी किया गया है। सरकार ने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह से संचालित समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) परियोजनाओं के तहत काम करने वाले आंगनवाड़ी कर्मियों को दिया जाएगा।
मानदेय बढ़ने के बाद किनको कितनी सैलरी मिलेगी
- आशा कार्यकर्ता : 11,250 रुपए प्रति माह
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता : 14,000 रुपए प्रति माह
- आंगनवाड़ी सहायिका : 11,800 रुपए प्रति माह

























