रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को पेश हुई सीएजी यानि कैग की रिपोर्ट में जल जीवन मिशन को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, योजना का काम तय रफ्तार से नहीं हो सका। इसका असर यह हुआ कि राज्य के लाखों घरों तक आज भी पानी नहीं पहुंच पाया। कई जगह नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा है।
किसी जिले और ब्लॉक में 100 फीसदी काम नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के किसी भी जिले और किसी भी ब्लॉक में जल जीवन मिशन का काम पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया। गांव, जिला और राज्य स्तर पर योजना को लेकर पूरी तैयारी नहीं थी। कई जगह काम शुरू होने में काफी देरी हुई, जिससे पूरी योजना प्रभावित हुई।
काम में देरी से नहीं मिली 6480 करोड़ रुपये की राशि
कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि शुरुआती काम बहुत धीमी गति से हुआ। इसी वजह से केंद्र सरकार से मिलने वाली करीब 6480 करोड़ रुपये की राशि राज्य को नहीं मिल सकी। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 तक राज्य में सिर्फ 3.64 प्रतिशत घरों तक ही कार्यशील नल कनेक्शन पहुंच पाया। वहीं 13.31 लाख घरों में नल तो लगा दिए गए, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
क्या है जल जीवन मिशन?
जल जीवन मिशन भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2019 को की गई थी। इस योजना का मकसद देश के हर ग्रामीण परिवार को घर-घर नल के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) देने, प्रतिदिन प्रति व्यक्ति कम से कम 55 लीटर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, जल स्रोतों के संरक्षण, पानी की गुणवत्ता की जांच और गांवों में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना का संचालन जल शक्ति मंत्रालय द्वारा किया जाता है और इसमें केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर काम करती हैं। योजना के तहत पाइपलाइन, पानी की टंकियां, पंप और अन्य आवश्यक ढांचे का निर्माण कर घरों तक नल से पानी पहुंचाया जाता है, ताकि लोगों को पीने के पानी के लिए दूर न जाना पड़े और ग्रामीण इलाकों में लोगों का जीवन स्तर में सुधार हो सके।























