दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। कन्या आश्रम बड़ेबेड़मा में अध्ययनरत कक्षा तीसरी की छात्रा समीरा मरकाम की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा में मलेरिया के लक्षण होने के बावजूद उसका इलाज आश्रम परिसर में ही किया जाता रहा और उसे समय पर अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया।
तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। मृतक छात्रा समीरा मरकाम पोटाली गांव की रहने वाली थी और कन्या आश्रम बड़ेबेड़मा में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब थी और उसमें मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद उसे अस्पताल ले जाने के बजाय आश्रम में ही उपचार किया जाता रहा। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि छात्रा को समय पर अस्पताल में भर्ती कराया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है।
इस मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शोरी ने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। छात्रा की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
























