बिलासपुर : NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने NSUI के कई पदाधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। एक ओर पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर कानूनी कार्रवाई की है, वहीं कांग्रेस ने इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। जानकारी के अनुसार, 3 जून को NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI द्वारा बिलासपुर में प्रदर्शन किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, रंजीत सिंह, लकी मिश्रा समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर धारा 126(2), 190, 191(2), 292 और 293 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
इधर, मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET घोटाले से देशभर के 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बैज ने कहा कि कई छात्र मानसिक तनाव में आए और कुछ ने आत्महत्या जैसे कदम भी उठाए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि देश के युवाओं में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, जबकि इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी जारी है। NEET पेपर लीक और उसके विरोध में हुए प्रदर्शनों को लेकर आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ने की संभावना है।























