बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक नाबालिग बच्चे के साथ हुई कथित बर्बरता ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट परिसर की बताई जा रही है, जहां एक सुरक्षा कर्मी पर बच्चे के साथ अमानवीय मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम की है।
पीड़ित बच्चे के बड़े भाई कार्तिक साहू ने बताया कि उसका छोटा भाई प्लांट परिसर में आम खाने के लिए गया था। इसी दौरान वहां तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड ने उस पर चोरी का शक जताया और उसे पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद गार्ड ने बच्चे को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वायरल वीडियो में भी इस बर्बरता की झलक देखने को मिल रही है, जिसमें सुरक्षा कर्मी बच्चे के साथ हिंसक व्यवहार करता नजर आ रहा है।
इस घटना के बाद बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है। घटना के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ जनप्रतिनिधि और कंपनी से जुड़े लोग उन्हें प्रलोभन देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे थे। साथ ही गांव के कुछ लोगों द्वारा भी परिवार पर थाना न जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
हालांकि, मामला सार्वजनिक होने के बाद अब प्रशासन सक्रिय हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई। साहू समाज के प्रतिनिधि, कांग्रेस विधायक संदीप साहू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे और भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद यादव जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विशेष रूप से साहू समाज और विधायक संदीप साहू ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। वहीं, पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी सुरक्षा कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे, लेकिन अब तक केवल एक ही गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने मांग की है कि सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस अब हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी उजागर किया है कि किस तरह कभी-कभी शक्तिशाली संस्थानों के प्रभाव में पीड़ितों पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।






















