रायपुर : छत्तीसगढ़ में राज्यसभा सीट को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कांग्रेस हाईकमान से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चयन करते समय सभी संभागों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस में अंदरखाने हलचल
अमरजीत भगत का कहना है कि सरगुजा संभाग से वर्तमान में लोकसभा, विधानसभा और नगरीय निकायों में कांग्रेस का कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। ऐसे में संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से सरगुजा संभाग को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व दिया जाना आवश्यक है।
क्या बदलेगा टिकट का गणित
उन्होंने कहा कि सरगुजा लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यहां से पार्टी का कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। इस कारण कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। यदि राज्यसभा में इस क्षेत्र को अवसर दिया जाता है तो इससे संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।
अजय चंद्राकर का पलटवार
अमरजीत के इस बयान पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि वह “क्षेत्रीय संतुलन” की परिभाषा क्या मानती है। चंद्राकर ने कहा, “जब केटीएस तुलसी, रंजीता रंजन और राजीव शुक्ला को राज्यसभा भेजा गया तब कौन सा क्षेत्रीय संतुलन देखा गया था?”
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं की चलेगी, तब तो वे अपने लोगों को राज्यसभा भेज पाएंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चरणदास महंत और दीपक बैज क्या छत्तीसगढ़ के बाहर के नेता हैं? अजय चंद्राकर ने बयान देते हुए यह भी कहा कि अमरजीत को सरगुजा महाराज के चरणों में “सरेंडर” हो जाना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में हलचल और बढ़ गई है।






















