नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर बुधवार को घाना पहुंचे। गुरुवार को घाना ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से नवाजा। इसके बाद पीएम मोदी ने घाना की संसद को संबोधित किया, जहां उन्होंने इस सम्मान के लिए 140 करोड़ भारतीयों की ओर से आभार व्यक्त किया।
घाना में होना सौभाग्य की बात है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, “आज इस प्रतिष्ठित सदन को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत गौरव का अनुभव हो रहा है। घाना में होना सौभाग्य की बात है, यह एक ऐसी भूमि है जो लोकतंत्र की भावना से ओतप्रोत है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में मैं अपने साथ 1.4 अरब भारतीयों की सद्भावना और शुभकामनाएं लेकर आया हूं। घाना से मिले सर्वोच्च सम्मान के लिए मैं 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं।

घाना को सोने की भूमि के रूप में जाना जाता है, न केवल आपकी धरती के नीचे छिपी हुई चीजों के लिए बल्कि आपके दिल में मौजूद गर्मजोशी और ताकत के लिए भी।” मोदी ने घाना के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. क्वामे नक्रूमा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके एकजुटता के विचारों को साझा यात्रा का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि घाना साहस और समावेशी प्रगति का प्रतीक है, जो पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के लिए प्रेरणा का केंद्र है।
लोकतंत्र और भारत-घाना संबंध
पीएम मोदी ने कहा, “हमारे लिए लोकतंत्र सिस्टम नहीं, संस्कार हैं।” उन्होंने भारत और घाना के मजबूत संबंधों पर जोर दिया और दोनों देशों के समावेशी विकास के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और लोकतंत्र को वैश्विक चुनौतियों जैसे आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ आशा की किरण बताया।

वैश्विक दक्षिण की आवाज
मोदी ने वैश्विक शासन में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, “वैश्विक दक्षिण को आवाज दिए बिना प्रगति नहीं हो सकती।” उन्होंने भारत की नई संसद में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के कदम का उल्लेख किया और घाना के सांसदों को इसे देखने के लिए आमंत्रित किया।






















