नई दिल्ली : महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लग सकता है। देश में पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार बढ़ सकते हैं। दरअसल, सरकारी तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान की भरपाई के लिए कीमतों में और इजाफा करना पड़ सकता है। बता दें कि 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद 19 मई को फिर 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया। इस तरह कुछ ही दिनों में ईंधन कीमतों में करीब 4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 13 से 17 रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त बढ़ोतरी की आवश्यकता पड़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्तमान समय में सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुमान है कि डीजल पर करीब 11.40 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर लगभग 14.30 रुपये प्रति लीटर की अंडर-रिकवरी हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो सरकार और तेल कंपनियों को ईंधन दरों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। साथ ही अन्य आर्थिक कदम उठाने की भी जरूरत पड़ सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार तेल कंपनियां पिछले करीब 75 दिनों में हुए नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि उपभोक्ताओं पर अचानक बोझ न पड़े, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी धीरे-धीरे की जा रही है।




















