Government Bank : डिजिटल तकनीक के तेजी से विकास के बीच, सरकारी बैंक भी अब अपने कर्जदारों पर पैनी नजर रखने लगे हैं। बैंकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू कर दिया है, जो हर लोन अकाउंट की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। यह सिस्टम समय पर कर्ज न चुकाने वाले ग्राहकों की पहचान कर तुरंत उन्हें कॉल या मैसेज भेजता है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार, AI सिस्टम लोन रीपेमेंट पैटर्न, ग्राहकों की वित्तीय स्थिति और भुगतान इतिहास का विश्लेषण करता है। इसके आधार पर यह तय करता है कि किस ग्राहक को रिमाइंडर कॉल करना है और किसे विशेष नोटिस भेजा जाए। इससे बैंक की रिकवरी प्रक्रिया तेज और प्रभावी हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित मॉनिटरिंग न केवल बैंक को लाभ पहुंचा रही है, बल्कि ग्राहकों को समय पर भुगतान की याद दिलाकर उन्हें ब्लैकलिस्टिंग या अतिरिक्त शुल्क से बचा भी रही है। सरकारी बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम चाहते हैं कि ग्राहक समय पर अपने कर्ज का भुगतान करें। AI तकनीक से हम उन्हें व्यक्तिगत और सटीक रिमाइंडर भेज सकते हैं, जिससे लोन डिफॉल्ट की समस्या कम होगी।”
बैंकिंग सेक्टर में यह कदम डिजिटलाइजेशन की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भविष्य में यह संभावना जताई जा रही है कि AI का इस्तेमाल लोन प्रॉसेसिंग, क्रेडिट स्कोरिंग और फाइनेंशियल एडवाइजरी में और भी बढ़ाया जाएगा।




















