नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 सीजन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और 28 मार्च से टूर्नामेंट का आगाज होगा। हर साल की तरह इस बार भी नए सीजन में कुछ नियमों में बदलाव किए गए हैं। हालांकि इस बार ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसा बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन गेंद से जुड़ा नया नियम मुकाबलों को और रोमांचक बना सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी टीमों को नए नियमों की जानकारी दे दी है। इसके तहत अब मैच के दौरान अगर गेंद खो जाती है या उसकी स्थिति बेहद खराब हो जाती है तो अंपायर उसे बदल सकेंगे। खास बात यह है कि नई गेंद की जगह लगभग उसी स्थिति वाली दूसरी गेंद से खेल आगे बढ़ाया जाएगा।
दूसरी पारी के 10 ओवर पूरे होने पर बदली जाएगी बॉल
इसके अलावा दूसरा नियम ये है कि दूसरी पारी में गेंदबाजी टीम अंपायर से बॉल को बदलने के लिए कह सकती है, लेकिन ऐसा 10 ओवर होने के बाद ही किया जा सकेगा। मैच की दूसरी पारी में जो टीम गेंदबाजी कर रही होगी, वो 10 ओवर के बाद कभी भी बॉल बदल सकती है, लेकिन ऐसा केवल ही बार किया जा सकेगा। हालांकि ध्यान रखिएगा कि ये नियम केवल शाम के मैच में ही लागू होगा। यानी दिन में साढ़े तीन बजे से जो मैच होगा, उसमें बॉल नहीं बदली जा सकेगी। इस नियम की खास बात ये है कि ओवर खत्म होने के बाद ही बॉल बदली जाएगी, यानी बीच ओवर में गेंद में बदलाव नहीं किया जाएगा।
पिछली बार ये ये है नियम में बदलाव
गेंदबाजी टीम जब 10 ओवर के बाद बॉल को बदलने के लिए अंपायर से कहेगी तो अंपायर उसी तरह की घिसी हुई बॉल देंगे, जैसी पहले थी। ऐसा ओस के कारण किया जा रहा है। वैसे तो ये नियम पिछले साल भी लागू हुआ था, लेकिन इस बार इसमें हल्का सा पेच है। इस बार अगर गेंदबाजी टीम 10 ओवर के बाद बॉल में बदलाव के लिए अंपायर से कहेगी तो बॉल अनिवार्य रूप से बदली जाएगी। उस वक्त अगर ओस नहीं है तो भी गेंद बदलनी पड़ेगी।




















