कोरबा : जिले में पुलिस की नाइट गश्त और सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कोरबा के बांकीमोंगरा क्षेत्र से रेलवे साइडिंग में रखे लाखों रुपये के बिजली पोल चोरी हो गएए लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह रही कि चोरी का माल पड़ोसी जिला जांजगीर.चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में बरामद हुआए जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक आर. एस. इंफा प्रोजेक्ट कंपनी द्वारा सुरकछार से सेन्दुरगढ़ पसान तक निर्माणाधीन रेलवे लाइन में ओवरहेड इलेक्ट्रिकल कार्य किया जा रहा था।
इसके लिए रेलवे के विद्युत खंभों को बांकी 04 नंबर बायपास रोड स्थित बैचिंग प्लांट के पास रखा गया था। इसी दौरान कबाड़ चोरों ने सुनियोजित तरीके से रात के अंधेरे में 102 नग रेलवे विद्युत खंभों को गैस कटर से काटकर ट्रक में लोड किया और कोरबा जिले से बाहर पार कर दिया। चोरी गए माल की कीमत करीब 42 लाख 41 हजार 687 रुपये बताई गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में रेलवे की संपत्ति गैस कटर से काटी गई, ट्रक में लोड होकर जिले की सीमा पार कर गई। लेकिन पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग और सीमावर्ती जांच व्यवस्था को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अकलतरा पुलिस ने खोला पूरा मामला
बताया जा रहा है कि अकलतरा पुलिस किसी अन्य मामले की जांच कर रही थी, तभी क्षेत्र में कटे हुए रेलवे बिजली पोल मिलने की सूचना पुलिस टीम को मिली। अकलतरा थाना प्रभारी ने तत्काल रेलवे पुलिस को को कटे हुए रेलवे बिजली पोल मिलने की जानकारी दी गयी। जांच में पोल पर दर्ज सीरियल नंबर के आधार पर पुष्टि हुई कि यह माल बांकीमोंगरा क्षेत्र में चल रहे रेवले लाइन निर्माण की साइड से चोरी हुआ है। जांच के दौरान उस ट्रक की जानकारी भी सामने आई, जिसके जरिए चोरी का माल कोरबा से जांजगीर लाया गया था। अकलतरा पुलिस ने धारा 102 के तहत कार्रवाई करते हुए कटे हुए पोल जब्त किए और पूरे मामले की सूचना कोरबा पुलिस को भेजी।
ढाई महीने बाद पकड़ाये शातिर चोर
चोरी के माल की बरामदगी की जानकारी मिलने के बाद बांकीमोंगरा थाना में 17 फरवरी 2026 को अपराध दर्ज किया गया। प्रार्थी अनीश कुमार सिंह की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 10 आर 1744 की पहचान हुई। पूछताछ में पता चला कि क्षेत्र के शातिर कबाड़ चोर धरम सिंह राजपूत और फिरोज उर्फ राजा खान ने गैस कटर से रेलवे विद्युत खंभों को काटकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने 140 नग कटे हुए रेलवे पोल के टुकड़े और घटना में प्रयुक्त ट्रक जब्त किया है।
पुलिस ने 13 मई की रात मुखबिर सूचना पर दोनों आरोपियों को पाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर गैस सिलेंडर और गैस कटर भी बरामद किए गए। दोनों को न्यायालय में पेश कर उपजेल कटघोरा भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी धरम सिंह राजपूत क्षेत्र का निगरानी बदमाश बताया जा रहा है।
पुलिस की कार्य प्रणाली पर फिर उठे सवाल
रेलवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजना से जुड़े 42 लाख रुपये के बिजली पोल चोरी होना केवल एक सामान्य आपराधिक घटना नहीं, बल्कि जिले की सुरक्षा और पुलिस निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। जिस तरीके से गैस कटर से पोल काटकर ट्रक के जरिए माल को जिले से बाहर पार कर दिया गया, उससे साफ है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की नाइट गश्त व सीमावर्ती चेकिंग व्यवस्था कहीं न कहीं कमजोर साबित हुई है। सबसे अहम बात यह है कि चोरी का खुलासा भी कोरबा पुलिस ने नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले की अकलतरा पुलिस ने पहले किया।
बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे लाइन परियोजना से चोरी का ये पहला मामला नही है। इससे पहले भी बड़ी चोरी की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में अब जरूरत केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी वारदात के दौरान स्थानीय पुलिस की सतर्कता कहां थी ? अगर समय रहते निगरानी और चेकिंग मजबूत होती, तो शायद लाखों की सरकारी संपत्ति जिले से बाहर नहीं जा पाती।





















