रायपुर : छत्तीसगढ़ में करोड़ों रुपये के धान चूहे चट कर गये। इस मामले को लेकर सूबे की सियासत गरमायी हुई है। एक दिन पहले ही जहां बीजेपी के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस मामले में सरकार पर तंज कसते हुए….सरकार द्वारा चूहों के इलाज के लिए बिल्ली की व्यवस्था करने की बात कह दी थी। बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान के बाद अब पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होने पूछा कि….ये भूखे चूहे कहाँ से आए हैं ? क्या ये नागपुर के चूहे हैं या फिर गुजरात से आए हैं ?
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा और महासमुंद जिले में 15 करोड़ रूपये के धान गायब होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दोनों जिलों से हजारों क्वींटल धान के शार्टेज को अफसर सूखत और चूहों-कीट के कारण कमीं होने की दलील दे रहे है। अधिकारियों के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी सरकार को घेरने में जुट गयी है।
करोड़ों रूपये के धान गायब होने के मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए सीधा हमला किया है। उन्होने अपने ट्वीट में लिखा….”चूहे ही चूहे!! बीते कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ ‘चूहों’ के कारण राष्ट्र पटल पर छाया हुआ है. ये ‘चूहे’ बेहद भूखे हैं. ये इतने भूखे हैं कि छत्तीसगढ़ को ‘कुतर’ रहे हैं. ये भूखे ‘चूहे’ कहाँ से आए हैं? क्या ये नागपुर के ‘चूहे’ हैं या फिर ‘गुजरात’ से आए हैं ? क्योंकि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है. हमारे ‘चूहे’ तो इतने भूखे नहीं हैं.ये भूखे ‘चूहे’ कवर्धा, महासमुंद, जशपुर सहित अब तक 30 करोड़ का धान खा गए हैं.
इन ‘चूहों’ को संरक्षण कौन दे रहा है? क्या ये वही ‘चूहे’ हैं जो हमारे जल-जंगल-जमीन को खा रहे हैं? क्या ये वही ‘चूहे’ हैं जो हसदेव और तमनार को उजाड़ रहे हैं? क्या ये वही ‘चूहे’ हैं जिनकी नज़र अब ‘बस्तर’ पर है? भाजपा के राज में इन ‘चूहों’ को आगे बढ़ाने वाले ‘मूषक राज’ को क्या आप जानते हैं? छत्तीसगढ़ को कुतर-कुतर कर खोखला करने की शुरुआत इन ‘चूहों’ ने की है. अगर समय रहते इन्हें पिंजड़ों में बंद नहीं किया गया, तो ये ‘चूहे’ हमारे छत्तीसगढ़ को खोखला कर देंगे. इन ‘चूहों’ का क्या करना है… हमें ही तय करना होगा.
भूपेश बघेल ने दावा किया कि कवर्धा, महासमुंद, जशपुर सहित कई जिलों में अब तक करीब 30 करोड़ रुपये का धान चूहे खा चुके हैं। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित संरक्षण का नतीजा बताया। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इन चूहों को संरक्षण कौन दे रहा है और क्या यही वे चूहे हैं जो जल, जंगल और जमीन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अपने ट्वीट में भूपेश बघेल ने हसदेव और तमनार का जिक्र करते हुए कहा कि क्या यही चूहे हैं, जो इन इलाकों को उजाड़ रहे हैं और जिनकी नजर अब बस्तर पर है।
उन्होंने भाजपा शासन पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के राज में इन चूहों को आगे बढ़ाने वाले मूषक राज को जनता अच्छी तरह पहचानती है। पूर्व सीएम बघेल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समय रहते इन चूहों को पिंजरे में बंद नहीं किया गया, तो ये छत्तीसगढ़ को कुतर-कुतर कर खोखला कर देंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धान घोटाले, प्रशासनिक जवाबदेही और सत्ता संरक्षण को लेकर बहस तेज हो गई है। भूपेश बघेल के इस तीखे हमले के बाद सूबे का राजनीति तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है।






















