राजनांदगांव : राजनांदगांव से एक बेहद शर्मनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ शहर के एक प्रतिष्ठित ट्यूशन इंस्टीट्यूट के कॉमर्स शिक्षक को 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह घटना उस समय हुई जब छात्रा कॉमर्स विषय की कोचिंग करने के लिए नियमित रूप से ट्यूशन इंस्टीट्यूट पहुंची थी। आरोप है कि शिक्षक ने ‘क्वेश्चन समझाने’ के बहाने छात्रा के संवेदनशील अंगों को छूते हुए अश्लील हरकत की। छात्रा ने साहस दिखाते हुए तुरंत यह बात अपने परिवारजन को बताई और कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्सेज) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा ने मीडिया को बताया कि छात्रा की शिकायत पूरी तरह विश्वसनीय पाई गई, जिसके आधार पर आरोपी शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षा संस्थान में इस तरह की हरकत न केवल कानूनन अपराध है बल्कि नैतिक रूप से भी बेहद निंदनीय है।
जानकारी के अनुसार, जिस ट्यूशन इंस्टीट्यूट में यह घटना हुई, वहां बड़ी संख्या में छात्राएँ कॉमर्स की शिक्षा लेने जाती हैं। कक्षा 11वीं की यह 16 वर्षीय छात्रा भी नियमित रूप से उसी संस्थान में पढ़ाई कर रही थी। घटना वाले दिन शिक्षक ने प्रश्न समझाने के बहाने छात्रा के नज़दीक जाकर उसके शरीर के संवेदनशील अंगों को छूते हुए अश्लील हरकत की। छात्रा को शिक्षक की नीयत पर तुरंत संदेह हुआ और वह घबराई हुई हालत में घर पहुंची, जहाँ उसने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने बिना देर किए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ़्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की हरकतें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालती हैं और विश्वास के संबंध को तोड़ देती हैं। घटना के बाद से ट्यूशन में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं और अभिभावकों में भय और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है। कई छात्राओं ने कहा कि वे ट्यूशन जाने से डर महसूस कर रही हैं।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा और ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। गौरतलब है कि पुलिस समय–समय पर स्कूलों और कॉलेजों में जाकर गुड टच–बैड टच जागरूकता अभियान चलाती है, ताकि बच्चे समझ सकें कि उनके साथ कोई गलत व्यवहार करे तो उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इसके बावजूद एक शिक्षक द्वारा इस तरह की हरकत होना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि उसके दूषित मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण भी है।






















