बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नवजात बच्ची को जन्म के बाद जिंदा तालाब में फेंक दिया गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मामले का खुलासा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद हुआ है।
पुलिस ने अज्ञात माता-पिता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम लमरीडबरी का है। पुलिस के अनुसार 29 मार्च को गांव की रहने वाली बृजबाई ने कोटवार निर्मलदास मानिकपुरी को सूचना दी थी कि रामसागर तालाब में किसी बच्चे का शव तैरता दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही कोटवार मौके पर पहुंचा और तालाब के भीतर औंधे मुंह तैर रहे नवजात बच्ची के शव को देखा। शव को बाहर निकालने पर पता चला कि बच्ची की उम्र करीब एक से दो दिन की थी।
घटना की जानकारी मिलते ही बेलगहना चौकी पुलिस और कोटा थाना की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच के बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट सामने आई, तब इस घटना ने और भी भयावह रूप ले लिया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची की मौत सामान्य या प्राकृतिक नहीं थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नवजात को जिंदा हालत में तालाब में फेंका गया था।
पानी में डूबने और दम घुटने के कारण उसकी मौत हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होता है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने लोक-लाज या सामाजिक भय के कारण नवजात बच्ची के जन्म को छिपाने के लिए उसे तालाब में फेंक दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और लोग इस अमानवीय कृत्य की निंदा कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी माता-पिता के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में आसपास के गांवों या स्वास्थ्य केंद्रों में किन महिलाओं ने बच्ची को जन्म दिया था। इसके लिए मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और गांव के कोटवारों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आसपास के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की भी जानकारी खंगाल रही है, ताकि बच्ची के जन्म से जुड़े किसी सुराग तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।






















