लखनऊ : मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने अपने 19 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा फरमान जारी किया है। अब पोस्ट-पेड का जमाना लदने वाला है और उसकी जगह ‘स्मार्ट प्री-पेड मीटर’ लेने जा रहे हैं। लखनऊ और बरेली जैसे बड़े शहरों में यह काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, और अगले दो से चार महीनों में अन्य जिलों में भी बिजली काटने और जोड़ने का पूरा कंट्रोल सॉफ्टवेयर के हाथ में होगा।
रिचार्ज न करने पर गुल होगी बिजली
विभाग की इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज करना होगा। अगर मीटर का बैलेंस एक रुपया भी माइनस में गया, तो बिजली अपने आप गुल हो जाएगी। वर्तमान में हालत यह है कि महज 3-4 रुपये माइनस होने पर भी एजेंसियां कनेक्शन काट रही हैं, और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें जेई (JE) से लेकर मुख्य अभियंता तक बेबस हैं। पैसा जमा होने के बाद भी कनेक्शन जुड़ने में लंबा समय लग रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है।
मोबाइल पर रखनी होगी नज़र
आंकड़ों के गणित को समझें तो, यदि मध्यांचल के 1 करोड़ उपभोक्ता अपने मीटर में औसतन 1000 रुपये का भी बैलेंस रखते हैं, तो बिजली विभाग के पास एडवांस में 10 अरब रुपये का फंड जमा हो जाएगा। विभाग इस भारी-भरकम रकम का उपयोग अपनी मर्जी से कर सकेगा, जबकि उपभोक्ताओं को अब हर वक्त अपने मोबाइल मैसेज पर नजर रखनी होगी ताकि अचानक अंधेरा न छा जाए।
19 ज़िलों में लागू होगी यह व्यवस्था
मध्यांचल के जिन 19 जिलों में यह व्यवस्था लागू हो रही है, उनमें बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, लखनऊ और अमेठी शामिल हैं। अगले डेढ़ से दो साल के भीतर इन सभी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत प्री-पेड मीटर लगाने का लक्ष्य है।






















