रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के अधिकारियों की पदोन्नति सूची जारी की गई है। विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त 12 अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक / सहायक सेनानी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/ उप सेनानी या समतुल्य रैंक के पद पर स्थानापन्न रूप से नियुक्त किया गया है।
गृह विभाग के अनुसार, इन सभी अधिकारियों के पदस्थापना (ट्रांसफर/पोस्टिंग) आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।

तीन राप्रसे अधिकारी बने IAS
छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से आईएएस अवार्ड के लिए भेजे गए नामों पर मुहर लग गई है। छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के तीन अफसरों को IAS के तौर पर पदोन्नति मिल गई है। इनमें अभिषेक अग्रवाल, सचिन भूतड़ा और राजीव पांडे का नाम शामिल है। तीनों ही 2013 बैच के राप्रसे अधिकारी हैं।
पिछले महीने हुई थी डीपीसी
प्रमोशन के संबंध में पिछले महीने यानी सितंबर में दिल्ली में डीपीसी में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के इन तीनों अधिकारियों को आईएएस बनाने हरी झंडी मिल गई थी। प्रक्रिया पूरी करने के बाद डीओपीटी की तरफ नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। बता दें कि, छत्तीसगढ़ में इस समय राज्य प्रशासनिक कोटा से आईएएस बनने के पांच पद खाली थे। हालांकि दो पदों के लिए कोई फैसला नहीं हुआ है, जबकि तीन अफसरों से जुड़े आदेश जारी कर दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में अब 154 IAS अफसर सेवारत
छत्तीसगढ़ राज्य में फिलहाल 202 भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का कोटा है। इनमें से 175 भाप्रसे अधिकारी विभिन्न जिलों, मंत्रालयों, विभागों में पोस्टेड हैं। इस 175 में करीब 24 IAS केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में फिलहाल 151 आईएएस अधिकारी सेवारत हैं। तीन अफसरों के IAS अवार्ड होने के बाद यह संख्या 154 हो चुकी है।
क्या है IAS अवार्ड होने का आशय?
IAS अवार्ड होने के लिए किसी अधिकारी को पहले राज्य प्रशासनिक सेवा में नौकरी करनी होती है। उदाहरण के लिए, छत्तीसगढ़ में CGPSC परीक्षा पास करके डिप्टी कलेक्टर या अन्य राज्य प्रशासनिक सेवा के पद पर नियुक्त अधिकारी निर्धारित नियमों के अनुसार अनुभव प्राप्त करने के बाद IAS बनने के लिए पात्र हो सकते हैं। सामान्यतः इसके लिए कम-से-कम 8 साल की पात्र सेवा का अनुभव आवश्यक होता है। हालांकि, केवल सेवा अवधि पूरी करने से IAS अवार्ड नहीं मिलता, बल्कि अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
IAS अवार्ड की प्रक्रिया में राज्य सरकार पात्र अधिकारियों के नामों पर विचार करके उन्हें UPSC की चयन समिति के समक्ष भेजती है। समिति अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और अन्य निर्धारित मानदंडों के आधार पर चयन करती है। इसके बाद आवश्यक मंजूरी और औपचारिकताएं पूरी होने पर केंद्र सरकार IAS में नियुक्ति का आदेश जारी करती है। इस प्रक्रिया के लिए UPSC की सिविल सेवा परीक्षा दोबारा देना जरूरी नहीं होता। IAS अवार्ड मिलने के बाद अधिकारी को तुरंत कलेक्टर बनाना अनिवार्य नहीं है; उनकी पोस्टिंग और जिम्मेदारी सरकार तय करती है।



























