रायपुर : स्कूली बच्चों की ड्रेस अब बदलने वाली है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को नए रंग की यूनिफॉर्म मिलेगी। अब तक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पहचान आसमानी रंग की शर्ट और नेवी ब्लू पैंट/ट्यूनिक से होती रही है।
बालक आसमानी शर्ट के साथ नेवी ब्लू पैंट और बालिकाएं उसी रंग की शर्ट के साथ नेवी ब्लू ट्यूनिक पहनती रही हैं। अब यह परंपरागत रंग संयोजन बदला जा रहा है।नए सत्र से छात्र-छात्राओं का यूनिफॉर्म स्वरूप पूरी तरह बदला होगा। नई ड्रेस में नीले रंग की चेक प्रिंट वाली शर्ट और स्लेटी (ग्रे) रंग की पैंट/ट्यूनिक शामिल होंगे। यूनिफॉर्म के डिजाइन और कपड़े की गुणवत्ता को भी बेहतर किया गया है, ताकि परिधान अधिक आकर्षक, टिकाऊ और आरामदायक हो।
इस वर्ष नहीं, अगले वर्ष पूरे प्रदेश में लागू होगा बदलाव
गणवेश के रंग में बदलाव का निर्णय वर्तमान सत्र से लागू किया जाना था, लेकिन पिछले साल सिलवाए गए यूनिफॉर्म का बड़ा स्टॉक शेष रह गया था। इस कारण इसे पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करने में बाधा आई।वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केवल बिलासपुर और सरगुजा संभाग में नए रंग की यूनिफॉर्म बांटी गई है। जबकि रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में इसे सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। जनवरी 2025 में हुई स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूनिफॉर्म में बदलाव और गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग द्वारा चरणबद्ध योजना तैयार की गई है।
29 लाख छात्रों के लिए 58 लाख यूनिफॉर्म होगी तैयार
राज्य सरकार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर वर्ष दो जोड़ी गणवेश उपलब्ध कराती है। इस वर्ष लगभग 29 लाख छात्रों के लिए दो सेट यानी कुल 58 लाख यूनिफॉर्म तैयार की जाएंगी।यूनिफॉर्म का कार्य छत्तीसगढ़ हथकरघा विकास एवं विपणन संघ को सौंपा गया है। कपड़ा बुनने का काम बुनकर समितियों द्वारा किया जाएगा, जबकि सिलाई का कार्य महिला एवं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा। लगभग 2 हजार महिला स्व-सहायता समूह इस काम में शामिल होंगे, जिससे ग्रामीण महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।
दिसंबर से शुरू होगी सिलाई, 15 जून तक स्कूलों में सप्लाई
हथकरघा संघ के सचिव एम.एम. जोशी के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आगामी सत्र शुरू होने से पहले विद्यार्थियों तक यूनिफॉर्म पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया—
“हम दिसंबर से सिलाई कार्य शुरू कर देंगे और 15 जून 2026 तक सभी स्कूलों में यूनिफॉर्म की सप्लाई सुनिश्चित कर दी जाएगी।”
सरकार का लक्ष्य है कि नए सत्र की शुरुआत में ही सभी बच्चों को समय पर नए परिधान उपलब्ध हो जाएं, ताकि सत्र के पहले दिन से यूनिफॉर्म की समानता और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके।






















