पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए यानी भाजपा-जदयू ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस पत्र को उन्होंने ‘एनडीए का संकल्प पत्र नाम दिया है। एनडीए ने कहा है कि, बिहार के जन-जन की आकांक्षाओं, उम्मीदों और आशाओं के अनुरूप NDA का संकल्पपत्र सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का प्रतीक है। यह हर किसान, महिला, युवा और श्रमिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का रोडमैप है।
बीते वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित और आने वाले कल की जरूरतों के अनुरूप, यह संकल्पपत्र आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में मजबूत कदम है। आज एनडीए की ओर से पटना के होटल मौर्य में शुक्रवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। एनडीए के संकल्प पत्र में रोजगार, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े 25 प्रमुख वादे किए गए हैं।
क्या है बिहार के लिए NDA के वादें? पढ़ें बिंदुवार
रोजगार और कौशल विकास
- 1 करोड़ सरकारी नौकरियाँ और रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
- कौशल जनगणना कर युवाओं को कौशल आधारित रोजगार प्रदान किया जाएगा।
- हर जिले में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना होगी।
- बिहार को ग्लोबल स्किलिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत ₹2 लाख तक की सहायता राशि दी जाएगी।
- 1 करोड़ महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बनाई जाएंगी।
- ‘महिला मिशन करोड़पति’ के जरिए चिह्नित महिला उद्यमियों को करोड़पति बनाया जाएगा।
अतिपिछड़ा वर्ग और सामाजिक न्याय
- अतिपिछड़ा वर्ग के विभिन्न व्यावसायिक समूहों को ₹10 लाख की सहायता दी जाएगी।
- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित होगी जो सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करेगी।
कृषि और किसान कल्याण
- कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को ₹9,000 सालाना सहायता।
- एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1 लाख करोड़ का निवेश।
- पंचायत स्तर पर सभी प्रमुख फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित।
- मत्स्य-दुग्ध मिशन से हर मत्स्य पालक को ₹9,050 का लाभ।
- हर प्रखंड में चिलिंग और प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित।
- 5 मेगा फूड पार्क और कृषि निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य।
- 2030 तक दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन
- 7 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण।
- 3600 किमी रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण।
- 4 नए शहरों में मेट्रो सेवा शुरू होगी।
- अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो रैपिड रेल सेवा का विस्तार।
शहरी विकास
- ‘न्यू पटना’ में ग्रीनफील्ड शहर और प्रमुख शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित।
- ‘सीतापुरम’ — मां जानकी की जन्मस्थली को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनाया जाएगा।
- पटना, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट।
- 10 नए शहरों से घरेलू उड़ानें शुरू होंगी।
औद्योगिक विकास और न्यू-ऐज इकोनॉमी
- विकसित बिहार औद्योगिक मिशन के तहत ₹1 लाख करोड़ का निवेश।
- हर जिले में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और 10 नए इंडस्ट्रियल पार्क।
- बिहार को ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ और ‘बैक-एंड हब’ के रूप में स्थापित किया जाएगा।
- न्यू-ऐज इकोनॉमी में ₹50 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य।
जन कल्याण योजनाएँ
- मुफ्त राशन वितरण जारी रहेगा।
- 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
- ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज।
- 50 लाख नए पक्के मकान।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन सभी पात्र परिवारों को।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण
- गरीब छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा।
- मिड-डे मील के साथ पौष्टिक नाश्ता।
- आधुनिक स्किल लैब्स स्कूलों में स्थापित की जाएंगी।
- ₹5,000 करोड़ से जिला स्कूलों का कायाकल्प।
- वर्ल्ड क्लास ‘एजुकेशन सिटी’ की स्थापना।
- बिहार को एआई हब बनाने के लिए सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस स्थापित।
हब निर्माण और उद्योग विस्तार
- बिहार को मखाना, मछली और अन्य उत्पादों का ग्लोबल एक्सपोर्ट सेंटर बनाया जाएगा।
- मिथिला मेगा टेक्सटाइल एंड डिजाइन पार्क और अंग मेगा सिल्क पार्क की स्थापना।
- डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर पार्क, मेगा टेक सिटी, फिनटेक सिटी का निर्माण।
- 100 MSME पार्क और 50,000+ कुटीर उद्यम शुरू होंगे।
स्वास्थ्य और चिकित्सा
- हर जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण समय पर पूरा।
- विश्वस्तरीय मेडिसिटी का निर्माण।
- बाल चिकित्सा व ऑटिज़्म के लिए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल।
खेल और युवा विकास
- बिहार स्पोर्ट्स सिटी की स्थापना।
- हर प्रमंडल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित।
- एससी वर्ग के विद्यार्थियों को ₹2,000 प्रति माह छात्रवृत्ति।
गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र
- ऑटो, टैक्सी, ई-रिक्शा चालकों को ₹4 लाख का जीवन बीमा।
- न्यूनतम ब्याज दर पर कोलैटरल-फ्री वाहन ऋण।
- असंगठित श्रमिकों को वित्तीय सहायता और कौशल प्रशिक्षण।
आध्यात्मिक पर्यटन और संस्कृति
- रामायण, जैन, बौद्ध और गंगा सर्किट का विकास।
- मां जानकी मंदिर, महाबोधि कॉरिडोर और फिल्म सिटी का निर्माण।
- शारदा सिन्हा कला विश्वविद्यालय और बिहार स्कूल ऑफ ड्रामा की स्थापना।
- 1 लाख ग्रीन होमस्टे के लिए कोलैटरल-फ्री लोन।
बाढ़ प्रबंधन
- 5 वर्षों में बिहार को बाढ़ मुक्त बनाया जाएगा।
- फ्लड मैनेजमेंट बोर्ड की स्थापना।
- ‘फ्लड टू फॉर्च्यून’ मॉडल के तहत नदियों, नहरों और तटबंधों का सुदृढ़ीकरण।





















