तमिलनाडु : अगर आप शराब के शौकीन है तो यह आपके लिए ही है। दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने शराब पर रविवार से पर्यावरण उपकर लगाने का फैसला किया है। इस वजह से शराब खरीदने पर अब 10 रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। यह नई व्यवस्था भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल), बीयर और वाइन पर लागू होगी। हालांकि, उपभोक्ता खाली बोतल अधिकृत विक्रेता को लौटाकर यह अतिरिक्त राशि वापस ले सकेंगे। कल यानी एक नबंवर से आदेश पूरे प्रदेश में लागू होगा।
सरकार की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शराब की खाली बोतलों को सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य जगहों पर फेंकने से रोकना है। सरकार चाहती है कि इस्तेमाल के बाद बोतलें दुकानों तक वापस पहुंचें, ताकि उनका सही तरीके से संग्रहण और रिसाइक्लिंग की जा सके। टास्मैक ने इस संबंध में शराब निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, डिपो, जिला प्रबंधकों और खुदरा दुकानों के कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत सभी उत्पादों की कीमतों में 10 रुपए जोड़कर नया अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) निर्धारित किया जाएगा। टास्मैक ने स्पष्ट किया है कि दुकानदार संशोधित एमआरपी से अधिक रकम नहीं वसूल सकेंगे। बोतल वापसी योजना के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगने को अनधिकृत वसूली माना जाएगा। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
खाली बोतल लौटाने पर मिलेंगे 10 रुपए वापस
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक को शराब खरीदते समय संशोधित एमआरपी चुकाना होगा। इसके बाद खाली बोतल किसी भी टास्मैक दुकान पर लौटाकर 10 रुपए वापस लिए जा सकेंगे। इसके लिए उसी दुकान पर जाना जरूरी नहीं होगा, जहां से शराब खरीदी गई थी। बता दें कि तमिलनाडु में पहले से खाली शराब की बोतलें वापस लेने की योजना लागू थी। इसके तहत ग्राहक एमआरपी से 10 रुपए अतिरिक्त देते थे और बोतल लौटाने पर उन्हें यह राशि वापस मिल जाती थी।
हालांकि, इस व्यवस्था में रकम के हिसाब-किताब और वसूली को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, सके बाद इसे बंद कर दिया गया था।
खाली बोतलों के संग्रह के लिए मशीनें लगाने की तैयारी
खाली बोतलों को इकट्ठा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए टास्मैक रिवर्स वेंडिंग मशीनें लगाने की योजना पर भी काम कर रहा है। इन मशीनों के जरिये ग्राहक बोतल पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर उसे जमा कर सकेंगे और तय राशि डिजिटल माध्यम से वापस पा सकेंगे। फिलहाल मशीनों की व्यवस्था पूरी होने तक दुकानों के कर्मचारी बोतलें जमा करेंगे और उन्हें अधिकृत विक्रेताओं को सौंपेंगे।



























