रायपुर : छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों चैलेंज का दौर चल रहा है। जी हां अलग-अलग मुद्दे पर खुली बहस के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे को चैलेंज दे रहे हैं। बता दें कि सिलसिला डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बीच हुई बहस के बाद शुरू हुआ है। चैलेंज की इस कड़ी में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहार जायसवाल को सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था के मुद्दे को लेकर खुली बहस की चुनौती दी है। वहीं, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है।
दीपक बैज का मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को चैलेंज
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को चुनौती देते हुए कहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था का आलम बना हुआ हे। मैं स्वास्थ्य मंत्री को चुनौती देता हूं कि प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में लेकर चलें, सच सामने आ जाएगा। वहीं, श्याम बिहारी जायसवाल ने भी उनके चैलेंज को स्वीकार कर लिया है। अब देखने वाली बात होगी कि कब दोनों नेता मीडिया के सामने आते हैं। बता दें कि अभी तक दोनों ना तो कोई तारीख तय की है और ना ही जगह तय हुई है।
विजय शर्मा-भूपेश बघेल के बीच हुई थी बहस
गौरतलब है कि हाल ही में डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बीच पीएम आवास को लेकर खुली बहस हुई थी। बहस के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल डिप्टी सीएम विजय शर्मा के सामने आंकड़ों में फंसते हुए नजर आए। जबकि डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने तथ्यों के साथ उनके आरोपों का जवाब दिया था। हालांकि बहस के बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर भारी पड़ने की बात कही थी।
भूपेश बघेल ने सीएम साय को भी किया चैलेंज
पूर्व मुख्यमंत्री ने हसदेव क्षेत्र की खदानें कांग्रेस शासन काल में आबंटित किए जाने के भाजपा के आरोपों पर कहा कि, वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चैलेंज कर रहे हैं कि वे डिबेट में आएं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में जल-जंगल-जमीन को बचाने के लिए बड़े आंदोलन की शुरूआत करेंगे। वे सरगुजा आकर आंदोलन शुरू करेंगे। अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस प्रशिक्षण में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि, तारा कोल माइंस दिया गया है।
विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया गया कि हसदेव क्षेत्र में और खदानें में खनन नहीं किया जाएगा। भारत सरकार से 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने हमने पत्र लिखा।











































