कांकेर : भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया है। संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जगदलपुर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर में पदस्थ रोसम्मा फिशर और रजनी गजबिये के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, 15 मई को प्रसव पीड़ा होने पर मृतका द्रौपदी कोमरा को भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे निजी गौतम अस्पताल, भानुप्रतापपुर रेफर किया गया, जहां 18 मई को प्रसूता और उसके नवजात शिशु दोनों की मौत हो गई थी।
घटना के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार ने मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग तक शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई थी। मामले की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक रूप से लापरवाही पाए जाने पर संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जगदलपुर के निर्देश पर दोनों स्टाफ नर्सों रोसम्मा फिशर और रजनी गजबिये को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि केवल निलंबन ही नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मामला कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है, जिसने उस समय क्षेत्र में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को मामले में पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।

























