धमतरी : गांजा और हीरोइन तस्करी के खिलाफ धमतरी पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में पहली बार SAFEMA के तहत कार्रवाई करते हुए दो मामलों में आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज करने का प्राथमिक आदेश जारी किया गया है।पुलिस के अनुसार नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों का पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है। दोनों मामलों को आगे की पुष्टि और अंतिम कार्रवाई के लिए मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी SAFEMA को भेजा गया है।
दो मामलों में शुरू हुई संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के दायरे में ऊषा डोरी, करण डोरी, जायका डोरी और आरती रजक की चल एवं अचल संपत्तियां शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि लंबे समय से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त आरोपियों द्वारा अर्जित संपत्तियों के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और अवैध आय के संकेत मिलने के बाद संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू की गई है।
गिरफ्तारी के बाद अब आर्थिक चोट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी से नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सकता। इसलिए अब ऐसे अपराधियों की आर्थिक जड़ों पर प्रहार करने की रणनीति अपनाई जा रही है। SAFEMA एक्ट के तहत यदि यह साबित हो जाता है कि संपत्ति अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदी गई है, तो उसे जब्त किया जा सकता है। इससे नशा तस्करों को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा और ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
धमतरी में पहली बड़ी कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिले में इस तरह की कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ अब केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी निशाना बनाया जाएगा।



























