बिलासपुर : बिलासपुर जिले में पुलिस थाने के लाॅकअप से एक हिस्ट्रीशीटर का इंस्टाग्राम लाइव वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वायरल वीडियो में आरोपी सिगरेट पीते हुए नजर आ रहा है, वहीं उसके साथ लॉकअप में तीन अन्य आरोपी भी दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं सकरी पुलिस ने इस वायरल वीडियों को 2 साल पुराना बताया है। जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला सकरी थाना से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर इंस्टाग्राम के जय माता दी पेज पर यह वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें हिस्ट्रीशीटर विक्की पांडेय लॉकअप के अंदर से लाइव आकर खुद को किंग ऑफ बिलासपुर बताता दिख रहा है।
वीडियो में उसने लॉकअप के अंदर का नजारा, सीसीटीवी कैमरे और थाना प्रभारी के कक्ष तक का दृश्य भी दिखाया।आमतौर पर लॉकअप में आरोपियों की सख्त तलाशी ली जाती है और प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूरी तरह रोक रहती है। ऐसे में आरोपी के पास मोबाइल फोन और सिगरेट का होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। मामला पुलिस और आरोपी के बीच संभावित मिलीभगत की आशंका भी पैदा कर रहा है। आपको बता दे थानों में लॉकअप की सुरक्षा को लेकर जिले में पहले भी गंभीर मामले सामने आ चुके हैं।
करीब तीन वर्ष पहले तारबाहर थाने में श्याम मोहदीकर की मौत हुई थी। वहीं 2016 में मुलमुला थाने में सतीश नोरगे की मौत के मामले में चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हुई थी। 2017 में एक छात्र द्वारा लॉकअप में आत्महत्या के प्रयास का मामला भी सामने आया था। वहीं दूसरी तरफ इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने सकरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोपी को पुलिस का स्पेशल मेहमान और जिगरी दोस्त तक करार दिया।
थाना प्रभारी ने कहा…..2 साल पुराना है वीडियों
इस पूरे मामले में सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो करीब दो साल पुराना है। उन्होंने बताया कि उन्हें थाने में आए 5-6 महीने ही हुए हैं, जबकि हिस्ट्रीशीटर विक्की पांडेय को सिविल लाइन थाने में दर्ज एक मामले में सजा हो चुकी है और वह पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद है। ऐसे में वर्तमान में लॉकअप से वीडियो बनाना संभव नहीं है। फिलहाल वीडियो की सच्चाई को लेकर बहस जारी है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और लॉकअप सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





















