ब्रेकिंग न्यूज़

New Labour Code : छुट्टियों के बदले पैसे, और वो भी अब हर साल! जानिए क्या है नए लेबर कोड का ये बड़ा बदलाव?

नई दिल्ली : दफ्तर में लगातार काम करने वाले कर्मचारियों की सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि उनकी मेहनत से मिली छुट्टियां समय पर इस्तेमाल नहीं हो पाती और आखिरकार बेकार चली जाती है। लेकिन अब नए लेबर कोड 2025 के जरिए इस समस्या का समाधान निकाल लिया गया है। सरकार ने ऐसा नियम बनाया है जिससे कर्मचारियों को उनकी छुट्ट्यों का पूरा फायदा मिल सकेगा। यह बदलाव नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है।

अब हर साल मिलेगा छुट्टियों का पैसा

पहले कर्मचारियों को बची हुई छुट्टियों का पैसा पाने के लिए नौकरी छोड़ने, रिटायर होने या कंपनी बदलने तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियम के अनुसार कर्मचारी हर साल अपनी बची हुई छुट्टियों को नकद में बदल सकेंगे। यानी अगर आप छुट्टी नहीं ले पाते हैं, तो वह नुकसान नहीं बल्कि अतिरिक्त कमाई का मौका बन जाएगी। इससे कर्मचारियों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा।

सिर्फ 6 महीने काम करने पर मिलेगा हक

नए लेबर कोड में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। पहले ‘अर्न लीव‘ पाने के लिए 240 दिन काम करना जरूरी था, लेकिन अब इसे घटाकर 180 दिन कर दिया गया है। यानी अगर कोई कर्मचारी साल में लगभग 6 महीने काम करता है, तो वह वेतन सहित छुट्टियों का हकदार बन जाएगा। इससे नए कर्मचारियों को भी जल्दी फायदा मिलने लगेगा और उन्हें लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।

छुट्टी रद्द होने पर नहीं होगा नुकसान

कई बार ऐसा होता है कि कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन कंपनी काम का हवाला देकर उसे मंजूर नहीं करती। पहले ऐसी छुट्टियां खत्म हो जाती थीं, जिससे कर्मचारियों को नुकसान होता था। अब नए नियम के तहत अगर छुट्टी रद्द होती है, तो वह लैप्स नहीं होगी। उसे अगले साल के लिए आगे बढ़ा दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारी की मेहनत बेकार न जाए और उसे उसका पूरा हक मिले।

इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

यह नया नियम मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए है जो मैनुअल, तकनीकी, ऑपरेशनल या क्लर्कीय काम करते हैं और जिनकी सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह से कम है। मैनेजर या उच्च पदों पर काम करने वाले लोग इस दायरे में नहीं आएंगे। साथ ही यह नियम तभी लागू होगा जब राज्य सरकार इसे अधिसूचित करेगी। इसलिए कर्मचारियों को अपने राज्य के नियमों की जानकारी अवश्य रखनी चाहिए।

What's your reaction?

Related Posts

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर हमला, गाड़ियों पर फेंके गए पत्थर, PCC चीफ भी थे साथ

गुवाहाटी : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम के प्रभारी भूपेश बघेल पर सोमवार…

DA HIKE : महंगाई भत्ता बढ़ाये जाने का आदेश जारी 55 से बढ़कर हुआ 58 फ़ीसदी अब कर्मचारियों की जमकर मनेगी दिवाली..

नई दिल्ली : पिछले दिनों केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़े सौगात देते हुए…

1 of 26