अजब - गजब

बागेश्वर धाम को साक्षी मानकर दो युवतियों ने खाई 7 जन्मों तक साथ रहने की कसम, बन गए पति-पत्नी

छतरपुर : जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां दो युवतियों द्वारा समलैंगिक विवाह किए जाने के बाद थाने में हंगामे की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले पांच साल से प्रेम संबंध चल रहा था, जिसके बाद उन्होंने शादी करने का फैसला ​कर लिया। दोनों ने बागेश्वर धाम में जाकर शादी रचाई है। फिलहाल दोनों के परिजनों के विरोध के बाद पुलिस कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है।

बागेश्वर धाम में दो युवतियों ने रचाई शादी

मिली जानकारी के अनुसार दोनों युवतियां सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी दो युवतियों के बीच बीच पिछले 5 साल से चल रहा था। युवतियों ने बताया कि दोनों ने बागेश्वर धाम में विवाह किया है। अंजली के अनुसार 12 तारीख को दोनों युवतियां बागेश्वर धाम गई थीं, जहां उन्होंने आपसी सहमति से विवाह कर लिया। विवाह की जानकारी मिलने के बाद मोहिनी के परिजन इस रिश्ते से नाराज हो गए।

थाने में मचा बवाल

वहीं, परिजनों के विरोध के बाद मामला थाने तक जा पहुंचा, जिसके बाद परिजन उन्हें जोर जबर्दस्ती कर घर ले जाने लगे। इसी बात को लेकर सिविल लाइन थाने में जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस की स्थिति बन गई। मामला बिगड़ते देख पुलिस ने दोनों युवतियों को कस्डटी में ले लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। कानूनी स्थिति पर नजर बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहने की बात कह रही हैं। वहीं, परिजनों की ओर से विरोध जारी है। पुलिस उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

लगातार आ रहे समलैंगिक विवाह के मामले

बता दें कि मध्यप्रदेश में समलैंगिक विवाह का ये पहला मामला नहीं है। हाल ही में बीते दिनों छतरपुर से ही दो ऐसे मामले पहले भी आ चुके हैं। नौगांव तहसील क्षेत्र की दो युवतियां अचानक घर से लापता हो गई थीं। परिजन ने नौगांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद युवतियों ने पुलिस से बताया कि वे एक-दूसरे से प्रेम करती हैं और साथ रहना चाहती हैं। इससे पहले इससे पहले दौरिया गांव की 23 वर्षीय सोनम यादव और असम की रहने वाली मानसी वर्मन ने पुलिस की मौजूदगी में थाने के बाहर मार्च में शादी की थी।

क्या भारत में दो युवतियां विवाह कर सकतीं हैं?

  • सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि भारत में विवाह करना कोई मौलिक अधिकार नहीं है।
  • कोर्ट ने इस अधिनियम में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। वर्तमान में यह कानून केवल एक “पुरुष” और एक “महिला” के बीच विवाह की अनुमति देता है।
  • भारत में समलैंगिक विवाह का आधिकारिक पंजीकरण संभव नहीं है।

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