प्रयागराज : चर्चित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने यौन शोषण के आरोपों में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद झूंसी थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। इस मुकदमे की अर्जी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दायर की थी।
कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी ?
आशुतोष ब्रह्मचारी का जन्म यूपी के शामली जिले में एक पंडित परिवार में हुआ। उनके पिता रोडवेज बस में कंडक्टर थे। 2022 में उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली और संन्यासी जीवन अपना लिया। आशुतोष ब्रह्मचारी श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं और मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आशुतोष पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शंकराचार्य के शिष्य योगीराज ने उनके रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया है। शंकराचार्य ने मीडिया से कहा था कि आशुतोष हिस्ट्रीशीटर हैं और बार-बार अपराध करते हैं। आशुतोष पर पहले से 21 मामले दर्ज हैं जिनमें UP गोवध अधिनियम, एंटी करप्शन एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, आईटी एक्ट, रेप, धोखाधड़ी और धमकी के आरोप शामिल हैं। उनका हिस्ट्रीशीट नंबर 76A है।
आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप
आशुतोष ने कोर्ट में यह दावा किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों का यौन शोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मामला गंभीर है और सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। आशुतोष के अनुसार, शंकराचार्य के शिष्य योगीराज ने मीडिया और पब्लिक के सामने उनके रिकॉर्ड साझा किए हैं। कोर्ट ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अन्य लोगों के खिलाफ यौन शोषण की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।






















