बिलासपुर : शहर के निजी अस्पताल श्रीराम केयर में पदस्थ एक आरक्षक की मौत के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा खड़ा हो गया। मृतक आरक्षक की पहचान सत्यकुमार पाटले के रूप में हुई है, जो सरकंडा थाने में पदस्थ थे। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षक सत्यकुमार पाटले को 28 तारीख को पथरी की समस्या के चलते श्रीराम केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को बताया कि मरीज की हालत सामान्य है और चिंता की कोई बात नहीं है। ऑपरेशन के बाद शुरुआती समय में आरक्षक की स्थिति स्थिर बताई जा रही थी, जिससे परिवार को राहत मिली थी।
हालांकि, शुक्रवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ को इसकी जानकारी दी, तो समय पर उचित इलाज नहीं किया गया। स्थिति लगातार गंभीर होती गई और अंततः इलाज के दौरान ही आरक्षक की मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर परिजनों को मिली, वे आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सही उपचार किया जाता, तो सत्यकुमार पाटले की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही और इलाज में गंभीर चूक का आरोप लगाया है। वहीं, घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि डॉक्टरों या अस्पताल स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।





















