भोपाल : मध्यप्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी और अजाक्स के नवनियुक्त राज्य अध्यक्ष संतोष वर्मा ब्राह्मणों पर किए गए अपने विवादित बयान को लेकर अब चौतरफा घिर गए हैं। अब राज्य सरकार ने उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया है।
राज्य सरकार ने नोटिस ने कहा कि आपके द्वारा एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे उसका संबंध नहीं बना ले” जैसी टिप्पणी करना प्रथम दृष्टया सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने एवं आपसी वैमनस्यता उत्पन्न करने वाला प्रयास प्रतीत होता है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं होकर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों ना किया जाए? इस संबंध में 7 दिन के अंदर अपना जवाब पेश करें।
भरे मंच से कही ये बड़ी बात
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा था कि ‘मैं तब तक यह नहीं मानूंगा कि एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना कर दे या उसका उससे संबंध नहीं बनाए। केवल आर्थिक आधार की बात है तो- जब तक यह रोटी-बेटी का व्यवहार ना होता तब तक हमको समाज के पिछड़ेपन, सामाजिक पिछड़ेपन के कारण आरक्षण की पात्रता मिलती रहेगी। आप खत्म कर दीजिए जाति- हमें नहीं चाहिए आरक्षण।’ बताया जा रहा है कि संतोष वर्मा ने अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांतीय अधिवेशन में 23 नवंबर को यह टिप्पणी की थी।























