कोरबा : कोरबा जिले में मैकेनिक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सुसाइड से पहले युवक ने एक वीडियो बनाकर पुलिस पर प्रताड़ना और गाली-गलौज का गंभीर आरोप लगाया था। वीडियों वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक को असली पुलिस ने नहीं बल्कि युवती के भाई ने पुलिस बनकर फोन पर धमकाया था।
पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला उरगा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि 21 वर्षीय सनत कश्यप मूलतः जांजगीर-चांपा जिले के चोरभट्टी गांव का रहने वाला था। वह कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र स्थित पताड़ी के पास एक ऑटोमोबाइल कंपनी के वर्कशॉप में मैकेनिक के तौर पर काम करता था। और कंपनी की तरफ से मिले कमरे में अपने रूम पार्टनर धीरेंद्र पाटले के साथ रहता था। बताया जा रहा है कि सनत कश्यत का रूम पार्टनर धीरेंद्र पाटले शुक्रवार को गेवरा क्षेत्र की एक युवती के साथ फरार हो गया था।

युवती के घर नहीं लौटने पर उसके परिजनों ने पंतोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी बीच युवती के भाई सचिन खरे ने धीरेंद्र के दोस्त सनत कश्यप को फोन किया। उसने खुद को पंतोरा चौकी का पुलिसकर्मी बताकर सनत को धमकाते हुए थाने आने के लिए कहा। फोन पर गाली-गलौज और धमकी मिलने से सनत काफी घबरा गया और तनाव में आ गया। तनाव में आए सनत ने फांसी लगाने से पहले एक वीडियो बनाया और वीडियो में उसने अपने घरवालों से कोई परेशानी होने की बात कही। इसके साथ ही उसने पुलिस के फोन और धमकी से वह बेहद परेशान है।
उसने यह भी कहा कि धीरेंद्र को भगाने में उसका कोई हाथ नहीं है। इसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वीडियो सामने आने के बाद जैसे ही इस बात की जानकारी पुलिस को मिली हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर युवती के भाई सचिन खरे को हिरासत में लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने पुलिस बनकर फोन करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलौदा थाने में अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।






















