रायपुर : छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई से दोहरी मार पड़ने वाली है। जहां एक ओर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने जुलाई से 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है तो वहीं अब देरी से बिजली बिल का भुगतान करने वालों पर शिकंजा कसा गया है। सीएसइआरसी ने अब बिजली बिल पर ब्याज वसूलने का फैसला किया है। महंगी बिजली के बाद ब्याज की वसूली उपभोक्ताओं के लिए किसी झटके से कम नहीं है। सीएसइआरसी के इस फैसले से घरेलू ही नहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
बिजली बिल पर देना होगा ब्याज
मिली जानकारी के अनुसार राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। जारी निर्देश के अनुसार अब उपभोक्ताओं को तय तिथि के बाद बिल का भुगतान करने पर पूरे महीने का सरचार्ज नहीं देना होगा। जबकि पहले पूरे महीने के लिए एक फिक्स लेट फीस तय होती थी, लेकिन अब लेट फीस के बजाए प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज वसूली की जाएगी। सीएसइआरसी के अनुसार अब तय तिथि पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से एक्सट्रा चार्ज देना होगा।
उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
हालांकि आयोग ने कुछ ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है जो ड्यू डेट के कुछ दिन बाद बिजली बिल का भुगतान करते हैं। आयोग के सदस्यों का मानना है कि नई प्रणाली से बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तर्कसंगत और उपभोक्ता हितैषी बनेगी। हालांकि राहत के इस फैसले के साथ बिजली उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों का सामना भी करना पड़ेगा।
1 जुलाई से महंगी हो जाएगी बिजली
वहीं, सीएसइआरसी ने एक जुलाई से बिजली दरों में भी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नए टैरिफ के अनुसार घरेलू श्रेणी में बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। खपत के आधार पर उपभोक्ताओं के मासिक बिल में 30 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। कृषि उपभोक्ताओं को मिलने वाली कुछ रियायतों और श्रेणियों के पुनर्गठन में भी बदलाव किया गया है।






















