रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल द्वारा जेल में सुविधाओं को लेकर लगाए गए आरोपों ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। चैतन्य बघेल ने मीडिया से बातचीत में जेल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जेल में कैदियों को साफ-सुथरा पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जाता। बघेल ने आरोप लगाया, “जेल में कीड़े वाला पानी दिया गया। कैदियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं भी संतोषजनक नहीं हैं। “कैदियों को इंजेक्शन लगाए जाते थे और टॉयलेट वाली जगह पर रहना पड़ता था,” उन्होंने आरोप लगाया। बघेल के इन बयानों के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। इन आरोपों पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि जेल की परिस्थितियों को लेकर बेवजह राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा, “आपको कहां-कहां राजनीति करनी है और कहां नहीं करनी है, यह समझना चाहिए। वही जेल है, वही सेल है। वहां मैं भी था।”
गृह मंत्री ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कभी जेल व्यवस्था को लेकर इस प्रकार के आरोप नहीं लगाए। “मैं जब बाहर आया तो मैंने यह नहीं कहा कि वहां ऐसा है या वैसा है। जबरदस्ती किसी बात पर राजनीति करनी हो, तो यह कांग्रेस के लोगों का तरीका है,” शर्मा ने कहा। इसी दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव द्वारा हाल ही में दिए गए बयान पर भी गृह मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की आलोचना राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा, “टीचर्स डे पर शिक्षक का रेप हो गया था कांग्रेस की सरकार में, तब वह कहां थे?
पाटन विधानसभा में सामूहिक हत्याएं हुई थीं, उस समय भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब वह कहां थे?” गृह मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों में राजनीतिक पूर्वाग्रह झलकता है। “खैर, मुझे क्या कहा, क्या नहीं कहा, यह तो स्पष्ट हो रहा है। जो यह कह रहे हैं, उनकी शब्दों की निम्नता है। उस पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा। अपने गिरेबान में झांक कर देख लें,” उन्होंने कहा।राजधानी रायपुर में दिए गए इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में माहौल गरमा गया है। जेल सुविधाओं, कानून व्यवस्था और शासन की कार्यप्रणाली को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।






















