कवर्धा : नन्ही सी बेटी का जन्मदिन हो तो एक पिता न जाने उसकी खुशी के लिए क्या-क्या तैयारी करता है। लेकिन कवर्धा मुक्तिधाम में एक पिता ने अपने सीने पर पत्थर रखकर बेटी की चिता सजाने से पहले उसका जन्मदिन मनाया। मुक्तिधाम में बच्ची और उसकी मां के शव के आसपास बैलून सजाये, केक काटा और कांपते हाथों से बेटी के मुंह के पास केक रखा। लेकिन इस बार नन्ही परी अपने पिता के हाथ से ना तो केक खा सकी और न ही खुश होकर अपने पापा के गले से लिपट सकी।
मुक्तिधाम में मां-बेटी के अंतिम संस्कार से पहले इस दृश्य को जिसने भी देखा, उसका गला रूंध गया और आंखे बहने लगी। गौरतलब है कि 5 अक्टूबर की शाम कवर्धा के चिल्फी घाट में हुए भीषण हादसे में तीन महिला टीचर और एक बच्ची सहित बोलेरों के चालक की मौत हो गयी थी। इस हादसे में कोलकाता की रहने वाली 10 साल की मासूम आदित्री भट्टाचार्य और उसकी मां परम भट्टाचार्य की भी की मौत हो गई थी। आदित्री भट्टाचार्य का 7 अक्टूबर को बर्थडे था।
इस हादसे की जानकारी के बाद छत्तीसगढ़ पहुंचे आदित्री के पिता पूरी तरह से टूट गये। परिवार पर टूटे दुःखों के पहाड़ से पूरा परिवार जहां गमजदा है। वहीं मासूम बेटी के पिता इंद्रजीत भट्टाचार्य ने बताया कि उन्होने अपनी बेटी से वादा किया था कि घूमकर आने के बाद इस बार धूमधाम से जन्मदिन मनाएंगे। लेकिन बेटी के बर्थडे से पहले ही उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को हिला दिया। कोलकाता से पहुंचे इंद्रजीत भट्टाचार्य ने जैसे ही बेटी की लाश के पास कदम रखा, वहां मौजूद हर आंखें नम हो गईं।
पिता ने अपनी नन्ही बेटी आदित्री के सिर पर बर्थडे कैप पहनाई, मोमबत्ती जलाई और कांपते हाथों से केक काटा। फिर मृत बेटी के होंठों के पास केक लगाया। और फूट-फूटकर रोने लगे। आदित्री के पिता इंद्रजीत भट्टाचार्य ने बताया कि मैंने बेटी को जन्मदिन का वादा किया था…..अब वो नहीं है, लेकिन वादा तो निभाना पड़ेगा। फिर वही वादा पिता ने मुक्तिधाम की राख के बीच निभाया। इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखे भर आई।






















