रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही उस समय पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी, जब सदन में दो विधायकों के बीच तीखी बहस ने माहौल को गरमा दिया। सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला और कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव के बीच एक मुद्दे को लेकर जोरदार नोकझोंक हो गई। बहस के दौरान दोनों पक्षों में तू-तड़ाक की स्थिति बन गई, जिससे सदन का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।
तू-तड़ाक की भाषा के प्रयोग पर सुशांत शुक्ला ने कड़ा एतराज जताया और नाराजगी व्यक्त की। वहीं सदस्यों के इस व्यवहार को लेकर सभापति नाराज हो गए। सभापति ने सदस्यों को संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सभापति ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
कस्टोडियल डेथ का मुद्दा भी गूंजा
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन सदन में कस्टोडियल डेथ के मुद्दे की गूंज रही। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब में बताया कि इस अवधि में 66 बंदियों की मृत्यु हुई है।
विपक्ष के विधायक निलंबित
शून्यकाल में धान खरीदी के मुद्दे पर जमकर बवाल हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पंजीकृत किसानों से धान नहीं खरीदा गया और करोड़ों का भुगतान लंबित है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों के अपने खेत परिसर में प्रवेश पर सवाल उठाए। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के कारण नहीं हो सकी। इसके बाद विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर नारेबाजी की और सदन की परंपरा के अनुसार वहां गए विधायकों को निलंबित कर दिया गया।






















