जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ के चांपा में एक अंतरजातीय प्रेम विवाह जोड़े को समाज के बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक दुश्मनी और प्रताड़ना से परेशान होकर नेहा साहू और अजय खूंटे नामक दंपती न्याय की गुहार लेकर सोमवार को एसपी ऑफिस पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, नेहा और अजय ने पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था और फिलहाल न्यू कॉलेज रोड, चांपा में एक किराना दुकान चलाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। लेकिन शादी के बाद से ही उन्हें समाजिक बहिष्कार, मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित जोड़े का आरोप है कि नेहा की मां सुलेखा साहू और स्थानीय महिला समूह की कुछ महिलाओं द्वारा उन्हें लगातार गाली-गलौज, मारपीट और धमकी दी जा रही है। आरोप है कि इन महिलाओं ने दंपती की दुकान से सामान खरीदने पर पाबंदी लगा दी है और यदि कोई व्यक्ति उनसे सामाजिक संपर्क रखता है, तो उस पर लाखों रुपये की वसूली की जाती है। इतना ही नहीं, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी हैं, बावजूद इसके जब पीड़ितों ने थाना चांपा में शिकायत की तो वहां से कोई मदद नहीं मिली। थक-हारकर अब उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया है।
पीड़ित ने क्या कहाँ
“हम केवल सम्मान के साथ जीवन जीना चाहते हैं। समाज ने हमें पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया है। रोज दुकान में आकर बदतमीजी करते हैं, धमकाते हैं। पुलिस भी मदद नहीं कर रही।” दरअसल दोनों का 5 साल पहले अंतरजातीय प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद समाज के दबंगों ने पति-पत्नी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। दुकान में खरीदी पर रोक लगा दी गयी, वहीं उठने-बैठने पर भी वसूली की जाने लगी। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है। सवाल यह है कि आज भी समाज में जातीय भेदभाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सामाजिक दबाव का ऐसा चेहरा कब तक चलता रहेगा?






















