सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सावारावा में शिक्षकों की कथित लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है, जहां बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल में ताला लगा रहा और छात्र स्कूल परिसर के बाहर बैठकर पढ़ाई करते दिखाई दिए। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र जमीन पर बैठकर किताबें खोलकर खुद से पढ़ाई करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल में कुल छह शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन आज के दिन सभी शिक्षक अनुपस्थित थे।
न तो विद्यालय खुला था और न ही किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, छात्रों को रोज की तरह स्कूल पहुंचने पर मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला। काफी देर इंतजार के बाद भी जब कोई शिक्षक नहीं पहुंचा, तो बच्चों ने बाहर ही बैठकर पढ़ाई शुरू कर दी। यह दृश्य न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की ओर भी इशारा करता है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद सदस्य नेहा सिंह ने कलेक्टर और शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत दी है।
उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले से ही संसाधनों और गुणवत्ता को लेकर चुनौतियां हैं, ऐसे में शिक्षकों की गैरहाजिरी बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है। ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन यदि शिक्षक ही नियमित रूप से उपस्थित नहीं होंगे तो शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच का आश्वासन दिया है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है और जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों में निगरानी व्यवस्था की जरूरत को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में बायोमेट्रिक उपस्थिति, नियमित निरीक्षण और समुदाय की सहभागिता बढ़ाने से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।






















